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अमर उजाला एक्सक्लूसिव: किसानों को लगा एक और बड़ा झटका, गन्ने की पैदावार गिरी

Fri, 20 Nov 2020 11:55 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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गन्ने की फसल
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गन्ना मूल्य घोषित नहीं हुआ है, पिछले साल का गन्ना मूल्य भी चीनी मिलों पर बकाया है। इस साल फसल की लागत में भी दस रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। किसान को एक और झटका पैदावार कम निकलने से लगा है। बागपत, शामली, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के किसानों का कहना है कि प्रति बीघा करीब दस से 15 क्विंटल गन्ना कम निकल रहा है। मेरठ में चार से पांच क्विंटल की कमी बताई जा रही है। 

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गन्ना विभाग भी बिजनौर, शामली, मुजफ्फरनगर और बागपत में गन्ना पैदावार में करीब 15 फीसदी और सहारनपुर में 20 फीसदी तक की गिरावट होने की बात मान रहा है। इन जिलों में किसानों को पिछले साल के रेट पर ही करीब तीन हजार रुपये से अधिक प्रति बीघा का नुकसान हो रहा है। लागत वृद्धि से हुआ नुकसान अलग है। मेरठ में यह नुकसान करीब 1500 रुपये प्रति बीघा का है। 

गन्ना शोध संस्थान मुजफ्फरनगर के निदेशक वीरेश कुमार का कहना है कि गन्ने की पैदावार में अभी करीब 15 प्रतिशत की कमी है। पूरे सत्र में पिछले साल के मुकाबले 10 प्रतिशत पैदावार कम होने का अनुमान है। किसानों ने देर से पेड़ी की फसल को काटा और अब उसी की कटाई कर रहे हैं। फसल को ग्रोथ के लिए कम समय मिला है। इस साल बरसात भी कम हुई है, जिसका असर फसल पर पड़ा है।
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यह भी पढ़ें: शामली: चीनी मिलों पर 346 करोड 29 लाख रुपये बकाया, पेराई शुरू होते ही नया भी बढ़ा

उत्पादन में आया अंतर
जनपद                    2019-20           2020-21
मुजफ्फरनगर             75-80               55-60
सहारनपुर                  60-70               48-56
बागपत                     70-80                60-70
बिजनौर                    65-69                55-59
शामली                     65-70                55-60
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मेरठ                        74-75                70-71   
कुल औसत               68-74                57-62

(पैदावार के आंकड़े प्रति बीघा क्विंटल में, स्रोत किसान और गन्ना विभाग)

पैदावार कम होने की वजह
- पेराई सत्र 2019-2020 जून माह तक चला, कम समय मिलने से गन्ने की बढ़वार प्रभावित हुई
- शुरुआत में ज्यादा बारिश और बाद में कम बारिश होने का भी असर गन्ने की फसल पर पड़ा
- रोग और कीटों का प्रकोप, लाल सड़न रोग और पोक्का बोइंग ने भी फसल को पहुंचाया नुकसान

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