बोले चिकित्सक
केवल वही ऑपरेशन हुए, जो जरूरी हैं। जिन्हें बाद में भी किया जा सकता है, वे नहीं हुए। ओपीडी बंद होने की वजह से मरीज भी कम आए। इससे ऑपरेशन की संख्या खासी घट गई है। - डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
30 निजी अस्पतालों में बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस के संक्रमितों का इलाज किया जा रहा है। चिकित्सकों का इन दिनों फोकस इस महामारी से निपटने पर है। यही वजह है कोविड अस्पतालों में तब्दील अस्पताल में सामान्य ऑपरेशन नहीं किए जा रहे हैं। - डॉ अनिल कपूर, अध्यक्ष, आईएमए
जिला अस्पताल में ओपीडी बंद है। नेत्र रोग, ईएनटी और हड्डी के जो मरीज आ रहे हैं, उनका उपचार किया जा रहा है। जिनके ऑपरेशन टाले जा सकते हैं, उनके टाल दिए गए हैं। - डॉ. कौशलेंद्र सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
ये टले ऑपरेशन
- मोतियाबिंद और आंख 5500
- हड्डी 2000
- हार्निया- 1700
- रसौली और स्त्री रोग 2200
- ट्रांसप्लांट 1800
- पथरी- 2400
- दांत - 1700
- कटे-फटे होंठ के- 1300
- हृदय - 1200
- ईएनटी 1150