गन्ने ने गायब कर दीं कई फसलें
जिले में पहले सांवा, तिल, सनई, कपास, सूरजमुखी आदि की खेती खूब होती थी। अब इन फसलों का उत्पादन तो दूर किसानों की ही नई पीढ़ी नाम तक नहीं जानती है। यही नहीं, गन्ना उत्पादन की बहुतायत के कारण गेहूं, धान, सरसों, चना, मटर, दालों आदि का रकबा तुलनात्मक रूप से कम हुआ है।
बहुफसली खेती से ही खुशहाली
उन्नत बीजों, रासायनिक खादों और तकनीक से उत्पादन तो बढ़ा है लेकिन फसल चक्र टूटने और गन्ने की बहुतायत से किसानों को दिक्कत भी हो रही है। बहुफसली खेती से ही किसान खुशहाल हो सकते हैं।
- ब्रजेश चंद्र, उप निदेशक, कृषि
जमीन की गुणवत्ता पर भी ध्यान दें
अधिक पैदावार के लिए रासायनिक खादों और कीटनाशकों का ज्यादा प्रयोग उर्वरा शक्ति के लिए संकट बनता जा रहा है। जमीन की सेहत के लिए गुणवत्ता पर भी ध्यान देना चाहिए।
- डॉ. दुष्यंत कुमार, जिला गन्ना अधिकारी
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