मैं लगातार पिछले साल से अमर उजाला के अपराजिता अभियान का हिस्सा हूं। इस कार्यक्रम के जरिए ही हमें पता चला कि आज के दौर में लड़कियों को हिम्मत दिखानी चाहिए। हर मुसीबत का सामना करने को तैयार रहना है।
- काजल चौधरी, बीकॉम तृतीय वर्ष
अमर उजाला के अभियान से प्रेरित होकर ही मैंने ताइक्वांडो का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। मैं अन्य लड़कियों से भी अपील करूंगी कि वह भी आत्मरक्षा के लिए तैयार रहें और हर परेशानी का डटकर सामना करें।
- साक्षी, बीकॉम, तृतीय वर्ष
ताइक्वांडो सेल्फ डिफेंस के साथ कॅरियर के लिए भी उपयोगी है। अपराजिता अभियान से इसके बारे में शिविर में जानकारी मिली है। सभी लड़कियों को इसके लिए आगे आना चाहिए।
- शिदरा, बीकॉम प्रथम वर्ष
अपराजिता अभियान का मकसद सभी महिलाओं चाहे वो शहर की हो या फिर गांव की, सभी को आत्मनिर्भर बनाना है। जब महिलाओं को उनका उचित हक मिलेगा तो वह समाज के विकास में बराबरी की भूमिका निभाएंगी।
- मनु कादियान, कक्षा 12
अपराजिता अपने आप में नारी का पूर्ण परिचय है। निडर होकर कठिनाइयों का सामना करना अपने आप में बहादुरी का परिचय है। जिंदगी के हर मोड़ पर कई बार टूटती है, पर पराजिता नहीं होती, तभी तो अपराजिता कहलाती है, माना कि पहचान बनाना आसान नहीं, पर अगर दृढ़ संकल्पित हो तो कुछ भी मिलना मुश्किल नहीं, जीत तेरी तय है, पराजिता न समझ संसार में है नारी अपराजिता बनकर अपने पंखों को फैलाकर गगन को छुए।
- सुमन सोमाल, डॉयरेक्टर, एल्पाइन पीजी कॉलेज ऑफ एजूकेशन
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