मुजफ्फरनगर जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान का निर्माण तो शुरू हो गया, लेकिन घर पूरा करना मुश्किलों भरा हो गया है। करीब तीन हजार परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने पहली किस्त के बाद मकान की नींव भर दी है। महीनों से यह परिवार अब दूसरी किस्त का इंतजार कर रहे हैं। कोई खुली छत के नीचे रह रहा है, तो कोई पन्नी डालकर। किसी ने किराए के मकान में ठिकान बनाया है। तो कोई पड़ोसी के मकान में शिफ्ट हुआ है। किस्त के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने के बावजूद मकान निर्माण पूरा होने की अभी उम्मीद नहीं जगी है। कुल पात्र लाभार्थी 18145 हैं, जिनमें से 15110 को ही दूसरी किस्त का भुगतान हुआ है।
केस-एक
मकान पर नहीं छत, कैसे गुजरे रात
पुरकाजी निवासी शहाजहां का कहना है कि मकान मंजूर हो चुका है, लेकिन अभी तक कोई भी किस्त नहीं आई है। उनका कहना है कि परिवार बार-बार चक्कर काट रहा है। बारिश के दिनों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब ठंड आ गयी है, मकान पर छत नहीं है। पन्नी डालकर रह रहे हैं। परिवार में छोटे-छोटे बच्चे हैं।
केस-दो
दूसरी किस्त में लटक गया आशियाना
पुरकाजी के मोहल्ला जाटान निवासी आशिक इलाही ने बताया कि पहली किस्त आ गई है, लेकिन अभी तक दूसरी किस्त नहीं मिली है। जिससे मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उनका परिवार दूसरी जगह रहा है और महीने गुजर गए हैं। अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाई जा रही है, लेकिन कोई इस और ध्यान देने के लिए तैयार नहीं है।
इनकी भी तो सुनिए
- शहर के कृष्णापुरी निवासी प्रदीप वर्मा का कहन है कि सवा साल से मकान के लिए आवेदन किया है, लेकिन अब तक पहली किस्त नहीं आई। प्लाट खाली पड़ा है और परिवार किराए के मकान में रह रहा है। अधिकारी बार-बार आश्वासन दे रहे हैं।
- भैसी गांव के सुनील कुमार का कहना है कि परिवार कच्चे मकान में रह रहा है। सवा साल पहले सर्वे कराया गया। उन्हें भरोसा दिया गया था कि मकान बनाया जाएगा, लेकिन अब तक मकान नहीं मिला।
- शहर के लद्दावाला निवासी सलीम का कहना है कि आवास के लिए आवेदन किया, लेकिन अभी तक पहली किस्त भी नहीं मिली है। पालिका और विकास भवन के चक्कर काट चुका हूं। परिवार किराए के मकान में रह रहा है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के दौरान लोगों के सामने आ रही समस्याओं को हम प्रकाशित कर रहे हैं। पात्रता के बावजूद आवास नहीं मिलने, किस्तों से लटके आवास निर्माण और बार-बार आवेदन को निरस्त किए जाने की समस्या हमें व्हाट्सएप नंबर 8954893110 पर कॉल कर बताएं। हम आपकी समस्या को अमर उजाला में प्रकाशित करेंगे।