मेरठ में धर्मांतरण मामले के तूल पकड़ते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी अलर्ट मोड में आ गए हैं। रविवार को सीओ ब्रजेश सिंह और एसीएम अरुण कुमार ने लोगों से बातचीत की। उन्होंने किसी की बातों में नहीं आने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि यदि कोई डराने की कोशिश करता है, तो पुलिस को बताएं। किसी की बातों में ना आए। सुरक्षा के लिहाज से 24 घंटे के लिए पुलिस को तैनात कर दिया है। यहां से पुलिसकर्मी अपनी लोकेशन अफसरों से साझा करेंगे। वहीं, खुफिया विभाग की टीम ने भी मंगतपुरम से थाने तक में डेरा डाल रखा है।
बना दिए ईसाई, एलआईयू को नहीं लगी भनक
कारोना काल के दौरान ही अनिल ने लोगों को लालच देकर बरगलाना शुरू कर दिया है। उसने धीरे-धीरे लोगों की मदद की और फिर उनसे ईसाई बनने के लिए कहा। एलआईयू को भनक तक नहीं लगी। मंगतपुरम में रहने वाले एक अनिल से इसकी शुरुआत हुई थी। मंगतपुरम निवासी अनिल को अनिल पास्टर का दोस्त बताया जा रहा है।
करीब तीन साल से धर्मांतरण का मामला चल रहा था, लेकिन एलआईयू को इसकी भनक तक नहीं लगी। हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है, जब ऐसा हुआ हो। इससे पहले भी कई मामले ऐसे रहे हैं, जब एलआईयू को बाद में ही पता चला।
खुफिया विभाग ने डाला डेरा
धर्मांतरण का मामला सामने आते ही एलआइयू के साथ इंटेलिजेंस की टीम में जांच में जुट गई है। रविवार को भी एलआईयू और इंटेलिजेंस की टीम थाने और मंगतपुरम पहुंची। इस दौरान उन्होंने लोगों से बातचीत की। बताया गया कि टीम को कुछ रजिस्टर और अन्य सामान भी मिला है, जो उन्होंने जांच के लिए लिया है। वहां रहने वाले लोगों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।