अखिलेश यादव ने लिखा कि मेरठ में रिहायशी इलाकों में जानलेवा बारूद के खतरनाग कारखानों को नाजायज तरीके से चलते रहने दिया गया और बिजली के कनेक्शन भी दिए गए। उन्होंने लिखा कि प्रशासन आंखें मूंदे रहा, क्या सिर्फ इसलिए कि ये कारखाने सत्ताधारी भाजपा के लोगों के थे।
बता दें कि विस्फोट इतना भीषण था कि 20 मीटर दूर स्थित मकान की दूसरी मंजिल भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। मलबे के टुकड़े आधा किलोमीटर तक बिखर गए। धुंए का गुबार छा गया। सूचना पर फायर ब्रिगेड की दर्जनों गाड़ियों समेत कई थानों की पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने सात घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया था।