Meerut News: एनसीआर में ग्रेप वन लागू किया गया है। इसके बावजूद मेरठ देश में सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर दर्ज किया गया है। बेगमपुल, पल्लवपुरम, गंगानगर, जयभीमनगर समेत पूरा शहर सांस लेने लायक नहीं बचा है।
एनसीआर में प्रदूषण का प्रकोप बढ़ रहा है। शुक्रवार को मेरठ का अधिकतम वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 301 दर्ज किया गया। पल्लवपुरम की हवा भी खराब रही। मेरठ देश के 250 शहरों की सूची में पहले स्थान पर रहा।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बुलेटिन के अनुसार, मेरठ और मानेसर का एक्यूआई 301 और ग्रेटर नोएडा का 280 रहा। बागपत में 269 और मुजफ्फरनगर में 263 एक्यूआई दर्ज किया गया। गाजियाबाद में 241 और दिल्ली में 232 एक्यूआई रिकॉर्ड हुआ। शुष्क मौसम, हवा की कम गति और रात के तापमान में गिरावट प्रदूषण बढ़ा रही है।
वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और औद्योगिक गतिविधियों से होने वाला उत्सर्जन वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा है। हवा की गति कम रहने पर प्रदूषक तत्व वातावरण में अधिक समय तक बने रहते हैं। शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दिवाली पर बढ़ सकती है परेशानी
आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने से प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना कम है। दिवाली के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं और सूक्ष्म कण हवा की गुणवत्ता को और खराब कर सकते हैं। सर्दी बढ़ने के साथ वातावरण की निचली परतों में प्रदूषकों का फैलाव भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में मेरठ समेत एनसीआर के शहरों में प्रदूषण का स्तर मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। यह स्थानीय उत्सर्जन से भी प्रभावित होगा।
संवेदनशील लोगों को सावधानी की जरूरत
मेरठ का एक्यूआई 301 होने के कारण संवेदनशील लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों, बुजुर्गों, सांस के मरीजों और हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को प्रदूषण के अधिक संपर्क से बचना चाहिए। आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। प्रदूषण अधिक रहने पर खुले में लंबे समय तक व्यायाम करने से बचें। सांस संबंधी परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
प्रदूषण नियंत्रण के उपाय जरूरी
एनसीआर में ग्रेप वन लागू किया गया है। ग्रेप वन के नियमों को देखते हुए संबंधित विभागों को प्रदूषण की रोकथाम के कड़े निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो रहा है और बढ़ता ही जा रहा है। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, सड़कों की नियमित सफाई और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर निगरानी आवश्यक है। औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण के उपाय भी जरूरी हैं। मौसम में बदलाव और दिवाली के आसपास प्रदूषण की स्थिति पर लगातार नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
रात में बढ़ रही है ठंड
रात और दिन में मौसम बदल रहा है। दिन का तापमान अभी भी 30 डिग्री से नीचे नहीं आया है। जबकि रात का तापमान कम चल रहा है। चौधरी चरण सिंह विवि की मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड़ किया गया। मौसम में बदलाव का दौर आगे भी जारी रहेगा। धीरे धीरे तापमान में कमी आएगी।
ये रहा प्रदूषण का हाल
मानेसर और मेरठ 301
ग्रेटर नोएडा 280
बागपत 269
मुजफ्फरनगर 263
गाजियाबाद 241
दिल्ली 232