शामली एनकाउंटर, इंस्पेक्टर सुनील कुमार
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इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा व्यूज
यूपी पुलिस की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ‘वर्दी’ को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अच्छी पहुंच मिली है।
बता दें कि 20 जनवरी 2025 की रात शामली के चौसाना में गंगोह मार्ग पर कार सवार बदमाशों से हुई मुठभेड़ में सुनील कुमार ने टीम के साथ मोर्चा संभाला। इसी दौरान उन्हें तीन गोलियां लगीं और वह से घायल हो गए। 25 जनवरी को उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। एसटीएफ मेरठ की टीम की बदमाशों से हुई इस मुठभेड़ में मुनीम काला गैंग का शूटर और एक लाख रुपये का इनामी अरशद मारा गया।
उसके साथ सोनीपत निवासी मंजीत उर्फ बिल्ला उर्फ जुबैर तथा करनाल निवासी सतीश और मनवीर भी मारे गए। चारों बदमाशों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था। इंचौली थाना क्षेत्र के मसूरी गांव निवासी सुनील सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ शाखा में निरीक्षक के पद पर तैनात थे।
15 अगस्त 2026 को सरकार ने शहीद एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार और केंद्र सरकार ने कीर्ति चक्र देने की घोषणा की थी।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार का बलिदान
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तिग्मांशु धूलिया के निर्देशन में बनी शॉर्ट फिल्म
फिल्म का निर्माण डीजीपी राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन में किया गया है। इसके निर्देशन की जिम्मेदारी फिल्मकार तिग्मांशु धूलिया ने संभाली। अमित साध और अलका अमीन प्रमुख भूमिकाओं में नजर आते हैं। फिल्म का क्रिएटिव डायरेक्शन एसपी राहुल श्रीवास्तव ने किया है।
पुलिस स्मृति दिवस पर रिलीज की गई इस फिल्म के जरिए वर्दी पहनकर ड्यूटी निभाने वाले पुलिसकर्मियों के साहस, कर्तव्य और निजी जीवन में उनके परिवारों के संघर्ष को दर्शाया गया है।
मेरठ पुलिस लाइन मे शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार ऐ शव को लेते जाते एडीजी डी के ठाकुर
शहीद एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार की वीरता और परिवार का दर्द
‘वर्दी’ में कीर्ति चक्र से सम्मानित शहीद एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार की वीरता और उनके परिवार के दर्द को केंद्र में रखा गया है। फिल्म यह दिखाने का प्रयास करती है कि पुलिसकर्मी का बलिदान केवल उसकी ड्यूटी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका असर परिवार के जीवन पर भी पड़ता है।
फिल्म को मिले व्यूज के आंकड़े यूपी पुलिस की ओर से साझा किए गए हैं। सोशल मीडिया पर इसकी पहुंच इस बात को रेखांकित करती है कि पुलिसकर्मियों के साहस और बलिदान से जुड़ी कहानियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।