- अतिथि व्याख्यान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बारे में दिए गए सुझाव
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। इस्माईल नेशनल महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को मनोविज्ञान विभाग ने शैक्षिक परियोजनाओं में एआई उपकरणों के प्रयोग पर अतिथि व्याख्यान कराया गया।कार्यक्रम में मास्टर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की शैक्षणिक समन्वयक मोनिका जौहरी मुख्य वक्ता रहीं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने शिक्षा और शोध कार्य को अधिक आसान और प्रभावी बना दिया है।
मोनिका जौहरी ने बताया कि डिजिटल युग में कृत्रिम बुद्धि ने शैक्षणिक प्रोजेक्टों को अधिक प्रभावी बनाया है। एआई विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को डेटा कलेक्शन, विश्लेषण और प्रेजेंटेशन में सहायता करता है। इससे पढ़ाई और शोध करने के तरीके बदल गए हैं। अब विद्यार्थी कम समय में प्रभावी प्रोजेक्ट बना सकते हैं। उन्होंने विषय चयन, साहित्य समीक्षा, डेटा विश्लेषण और लेखन सुधार जैसे कार्यों में एआई के बेहतर प्रयोग के बारे में बताया।
विभागाध्यक्ष वंदना शर्मा ने कहा कि एआई कभी-कभी गलत जानकारी दे सकता है और यह मानवीय सोच का विकल्प नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को एआई पर अत्यधिक निर्भरता से बचने को कहा। संचालन पंखुड़ी कक्कड़ ने किया। मोनिका शर्मा, विदुषी वशिष्ट, ज्योति और सोहनवीर का सहयोग रहा।
वहीं, कॉलेज में सात दिवसीय मैत्री पुरातन छात्र कार्यक्रम का समापन हुआ। प्राचार्य प्रो. अनीता राठी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. मधु वाजपेयी रहीं। पुरातन छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने छात्राओं को कॅरिअर निर्माण, आत्मविश्वास बढ़ाने और जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण बातें बताई। कार्यक्रम में डॉ. चुन्नी रस्तोगी, शिवाली मुकुट, डॉ. भावना शर्मा, सुषमा गुप्ता, नंदिनी रस्तोगी, लक्ष्मी और डॉली सहित कई विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। संयोजिका डॉ. शाजिया ने आभार जताया। डॉ. वंदना भारद्वाज और निशा गुप्ता सहित अन्य का सहयोग रहा।