मेरठ के फलावदा में हुए ननद और जेठानी पर तेजाब डालने के चर्चित मामले में आरोपियों को भले ही सजा सुनाई गई हो, लेकिन आज भी उस डरावनी रात को याद करके बेटी की चीख निकल जाती है। उसके दिमाग में अब भी डर बैठा हुआ है।
वादी ने बताया कि उस रात के खौफनाक मंजर को याद करके परिवार सहम जाता है। उन्हें कोर्ट पर भरोसा था, इसके चलते आरोपियों को सजा हुई। अब वह दोषियों को उम्रकैद की सजा दिलाने के लिए आगे की लड़ाई लड़ेंगे। वह साढ़े छह साल से लगातार इस मामले की पैरवी कर रहे थे, जिसके बाद कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए 14 साल की सजा सुनाई है।
उन्होंने कहा कि न्यायालय पर शुरू से ही पूरा भरोसा था, जिसके चलते आरोपियों को सजा सुनाई गई। उनका कहना है कि वह कोर्ट में उम्रकैद की सजा सुनाने के लिए आगे पैरवी करेंगे। इसके लिए उन्होंने अपने परिवार में राय कर ली है। अपने एडवोकेट से भी विधिक राय ली है। पूरे मामले पर फिर से मंथन किया जा रहा है।
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तेजाब कांड का दंश झेल रहा परिवार
वादी ने बताया कि तेजाब कांड का दंश आज तक झेलना पड़ रहा है। बेटी की शादी आज तक नहीं हुई है। बेटी का उपचार लंबे समय तक दिल्ली एम्स में चला। वर्तमान में दिल्ली के एक निजी डाॅक्टर से उपचार चल रहा है। इस तेजाब कांड से उनको आर्थिक और शारीरिक के साथ-साथ सामाजिक हानि भी पहुंची है। वादी की पुत्रवधू का भी उपचार चल रहा है।
जख्म पूरी तरह से नहीं भरे
कोर्ट का आदेश आने के बाद परिजनों के जख्मों पर मरहम लगने की शुरूआत हो गई है, लेकिन अभी तक जख्म पूरी तरह से नहीं भरे हैं। उस रात का खौफनाक मंजर याद कर पुत्री के अलावा उनके परिजनों की आंखों में आंसू भर आते हैं।