मंत्री कोटे से एडमिशन का दिया भरोसा
विजयपाल सिंह के अनुसार, राजकुमार ने मंत्री कोटे से एडमिशन का भरोसा दिलाया था। इसी बीच वह उसके घर भी पहुंचे, जहां हरीश रावत, अमर सिंह, त्रिवेंद्र रावत सरीखे नेताओं के साथ उसके फोटो देख किसी तरह का शक नहीं हुआ। राजकुमार दो महीने तक एडमिशन के लिए टरकाता रहा। फिर कहने लगा कि उसके केतन देसाई से अच्छे संबंध हैं। वह एमसीआई से एप्रूवल दिलाकर सीटें बढ़वा रहा है।
आरोपी के दिए दोनों चेक हुए बाउंस
विजयपाल सिंह ने बताया कि एक करोड़ 25 लाख रुपये राजकुमार को सौंपने के बाद वह समय-समय पर उससे मुलाकात करते रहे। कई बार फोन पर पैसे लौटाने को लेकर बहस भी हुई। दिसंबर 2016 में उसने उन्हें 60 लाख और 65 लाख के दो चेक सौंपे। चेक उन्होंने एकाउंट में लगाए तो बाउंस हो गये। इतना सब कुछ होने के बावजूद राजकुमार उनसे मुलाकात कर भरोसा दिलाता रहा। बाद में उसने दो-दो लाख करके सारे पैसे लौटाने का आश्वासन दिया। दो जून को उसे पहली किश्त देनी थी, लेकिन उससे पहले ही वह दबोच लिया गया।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/