शहर के पॉश इलाके आबूलेन में लोन के नाम पर ठगी करने वाली एक और फर्जी फाइनेंस कंपनी का पुलिस व क्राइम ब्रांच ने बृहस्पतिवार को भंडाफोड़ कर दिया। फर्जी कंपनी के डायरेक्टर के साथ 15 युवतियां भी मिली है। जिनको पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया। पुलिस का दावा है कि इस कंपनी के माध्यम से भी करोड़ों की ठगी की जा चुकी है।
आबूलेन स्थित जय प्लाजा में मानसी नाम से फर्जी फाइनेंस कंपनी चल रही थी। क्राइम ब्रांच, साइबर सेल और सदर बाजार पुलिस ने फर्जी कंपनी पर छापा मारा। जहां से फर्जी कंपनी का डायरेक्टर फैजल खान व 15 युवतियां को पकड़ लिया। पुलिस ने मौके से फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए, जिससे लोगों को लोन देने के नाम पर ठगी की जाती थी। पुलिस फोर्स देखते ही फर्जी कंपनी में अफरातफरी मच गई। पुलिस फजल खान को सदर बाजार थाने ले गई। जबकि युवतियों को महिला थाने में भिजवाया। एसपी क्राइम शिवराम यादव का कहना है कि लोन के नाम पर यह फर्जी कंपनियां लोगों से ठगी करती है। इस कंपनी में कौन कौन शामिल है, इसकी जांच में पुलिस और साइबर सेल की टीम लगी है।
रजिस्टर्ड कंपनी की आड़ में फर्जी धंधा
सदर बाजार थाना कार्यवाहक एसओ चंदगीराम यादव ने बताया कि मानसी फर्जी फाइनेंस कंपनी के सामने एक और प्राईवेट कंपनी है, जोकि आरबीआई से रजिस्टर्ड है। इस कंपनी की आड़ में ही फर्जी फाइनेंस कंपनी चला रखी थी। फर्जी कंपनी में छापा लगा तो रजिस्टर्ड कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी भी गायब हो गए।
बदनामी होते ही बदलते नाम
पुलिस ने बताया कि मानसी फर्जी कंपनी पहले अफीफा फाइनेंस कंपनी के नाम से थी। 2010 से यह कंपनी आबूलेन पर चल रही थी। ठगी करने के मामले में बदनामी होने लगी तो आरोपियों ने इसका नाम 2015 में मानसी रख लिया।
लोन के नाम पर ठगी करने वाली फर्जी फाइनेंस कंपनी पकड़ी है। उसके डायरेक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। युवतियां को उनके परिजनों धारा 41 का नोटिस देकर सुपुर्दगी में दिया जा रहा है। पुलिस जांच कर रही है।
मंजिल सैनी दहल, एसएसपी
पढ़ी-लिखी बेटियां फर्जी फाइनेंसर की शिकार
मेरठ। पढ़ी लिखी बेरोजगार बेटियां भी फर्जी फाइनेंसर की शिकार हो रही है। महीने में चार से छह हजार रुपये देकर युवतियों से ठगी का धंधा कराते है। एक महीने में तीन फर्जी फाइनेंस कंपनी पकड़ी, जिसमें युवतियों की संख्या सबसे ज्यादा मिली। बृहस्पतिवार को आबूलेन से पकड़ी गई युवतियों ने बताया कि चार से छह हजार रुपये देकर उन्हें लोन लेने वालों को जाल में फंसाने को कहा जाता है। कोई कॉल करती है तो कोई फर्जी दस्तावेज तैयार करती है। ऑफिस तक कोई लोन लेने तक आ जाए, तो उसका जाल में फंसना तय है। यह सभी युवतियां इंटर से स्नातक तक पढ़ी हैं। नौकरी की चाह में फर्जी फाइनेंस कंपनी के जाल में फंस जाती है।
कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
पुलिस ने बताया कि फर्जी फाइनेंस कंपनी चलाने वालों का नेटवर्क उप्र, दिल्ली, उत्तराखंड समेत कई राज्यों तक फैला है। सस्ती दरों पर लोन देने के लिए दूर दराज से लोग फर्जी कंपनी तक पहुंच जाते है। पुलिस ने बताया कि फर्जी फाइनेंस कंपनी का नेटवर्क तोड़ा जाएगा।
एक महीने में चार फर्जी फाइनेंस कंपनी
एसटीएफ व रेलवे रोड पुलिस 28 नवंबर को दिल्ली रोड स्थित मेट्रो प्लाजा में अवतार फाइनेंस कंपनी पकड़ी थी। जिसमें 26 युवतियां और 23 युवकों को पुलिस ने पकड़ा था। करोड़ों रुपये की ठगी का मामला था। पुलिस ने युवतियों को छोड़ा था और युवकों को जेल भेजा था। 19 दिसंबर को ईव्ज चौराहे पर फर्जी सिग्नेचर फाइनेंस कंपनी को एसटीएफ और सिविल लाइन पुलिस ने 19 दिसंबर को पकड़ा था। जिसमें 13 लोग गिरफ्तार कर जेल भेजे थे। जिसमें 13 युवतियों को पकड़ा गया था। बृहस्पतिवार को दोे कंपनी धरी गयी।