- 130.611 हेक्टेयर जमीन मेरठ जनपद के एक दर्जन गांवों की हुई अधिग्रहीत
- 630 करोड़ रुपये अब तक बांटा जा चुका है मुआवजा
- 01 दर्जन पारिवारिक विवादों के चलते ही रुका है मुआवजा
- अधिग्रहीत जमीन पर कब्जा लेकर एनएचएआई को सौंप चुका है प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेस वे के पहले चरण का प्रधानमंत्री 27 मई को लोकार्पण कर चुके हैं। अब डासना से मेरठ के बीच बनने वाले एक्सप्रेस वे निर्माण को लेकर भी कार्रवाई तेज हो गई है। जिला प्रशासन ज्यादातर बाधांए दूर करते हुए मुआवजा वितरण के साथ जमीन पर कब्जा लेकर निर्माण इकाई को सौंप चुका है। ऐसे में परतापुर की तरफ से इस मार्ग निर्माण का काम कुछ ही दिनों में शुरू होने की बात कही जा रही है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे कुल चार चरणों में करीब 90 किलोमीटर का है। इसमें पहले चरण में हजरत निजामुद्दीन से यूपी गेट तक करीब 9 किलोमीटर मार्ग निर्माण का काम पूरा हो चुका है। अब यूपी गेट से डासना और डासना से हापुड़, डासना से मेरठ का काम भी तेजी से चल रहा है। पहले चरण का काम पूरा होने के बाद यूपी शासन पर काम में आ रही बाधाओं को दूर करने का दबाव बढ़ गया है। इसलिए अपर मुख्य सचिव संजीव शरण ने पिछले दिनों समीक्षा बैठक में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे निर्माण के काम को तेजी से करने के निर्देश दिये थे। प्रशासन की ओर से अपर आयुक्त जयशंकर दूबे और एडीएम(एलए) ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने अपर मुख्य सचिव को जानकारी दी कि मेरठ जिले में एनएचएआई ने मुआवजा वितरण के लिए 640.32 करोड़ रुपये दिए थे। इसमें से 630 करोड़ मुआवजा दिया जा चुका है। अब एनएचएआई जब चाहे डासना से मेरठ के बीच मेरठ जिले में काम शुरू कर सकती है।
पारिवारिक विवाद में फंसा है कुछ मुआवजा
एक्सप्रेस वे के लिए अधिग्रहण की गई जमीन में करीब दर्जन भर किसानों के आपसी पारिवारिक बंटवारे के विवाद हैं। जिस कारण मुआवजा वितरण का काम अटका हुआ है। इन किसानों को करीब 10 करोड़ रुपये देना है। लेकिन प्रशासन जमीन पर कब्जा ले चुका है। जैसे ही इनका पारिवारिक विवाद निस्तारित होगा, वैसे ही मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा।
मेरठ के इन गांवों की है जमीन
गांव एक्सप्रेस वे की जमीन
काशी 27.0664
शौलाना 3.8691
सलेमपुर 10.4361
अछरौंडा 4.3342
शाकरपुर 6.3287
चंदसारा 17.7900
हाजीपुर 0.5102
घोसीपुर 1.1818
भूड़बराल 1.2897
नरहैड़ा 11.7967
नंगलापातू 11.5164
ढिकौली 10.4204
खानपुर 15.0275
बराल परतापुर 9.0436
(नोट : जमीन हेक्टेयर में है)
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वर्जन.........
अब नहीं है बाधा
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के डासना-मेरठ खंड के कार्य के लिए मेरठ जिले में अब कोई दिक्कत नहीं है। अधिकांश मुआवजा वितरित हो चुका है। कुछ मुआवजा जो बचा है, उसमें अधिकांश पारिवारिक बंटवारे के विवाद में अटका है। एनएचएआई जब चाहे काम शुरू करा सकता है।
ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, एडीएम(एलए)