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एक साल तक योगेश वर्मा जेल में रहेगा

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मेरठ। काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार मेरठ पुलिस बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा पर शिकंजा कसने में कामयाब रही। एडवाइजरी कमेटी ने योगेश पर रासुका लगी रहने को मंजूरी दे दी। योगेश को अब एक साल जेल में ही काटना होगा। पुलिस-प्रशासन ने यह निर्णय लोकहित में होना बताया है।
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दो अप्रैल को एससी-एसटी एक्ट में बदलाव की अफवाह फैलाकर भारत बंद का ऐलान कर कई जनपदों में बवाल हुआ था। आरोप था कि मेरठ में बसपा नेता योगेश वर्मा ने हजारों लोगों को उकसाकर बवाल कराया था। पुलिस ने योगेश वर्मा को बवाल का मुख्य आरोपी बनाकर जेल भेजा था। तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी और डीएम अनिल ढींगरा ने योगेश वर्मा पर रासुका की कार्रवाई की। रासुका को गलत बताकर योगेश की पत्नी सुनीता वर्मा (महापौर ) ने एससी-एसटी आयोग का दरवाजा खटखटाया।
डीएम-एसएसपी समेत कई पुलिस अधिकारी आयोग के समक्ष तलब हुए। पुलिस ने योगेश के खिलाफ काफी सुबूत पेश किया। उसके बाद रासुका के मामले में लखनऊ में एडवाइजरी कमेटी बनी। जहां पुलिस प्रशासन और योगेश वर्मा के पक्ष को सुना गया। उधर, महापौर सुनीता वर्मा ने इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया है। कहा कि पुलिस-प्रशासन के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। एसएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि योगेश वर्मा के खिलाफ बहुत सुबूत हैं। रासुका नहीं कटेगी।
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