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काली नदी के प्रदूषण पर छात्र करेंगे शोध

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काली नदी के प्रदूषण पर छात्र करेंगे शोध
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शालू अग्रवाल
मेरठ। प्रदेश के साथ केंद्र सरकार के शोध संस्थानों ने काली नदी में बढ़ते प्रदूषण को मानव जीवन के लिए चिंताजनक माना है। ऐसे में लखनऊ के आंबेडकर विवि और इंडियन बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट ने काली नदी में बढ़ते प्रदूषण की वजह खोजने और प्रदूषण मुक्त कराने क ा जिम्मा उठाया है। दोनों संस्थानों ने काली नदी को शोध का विषय मानकर इस पर रिसर्च प्रोजेक्ट तैयार किया है। छात्र भानुप्रताप व संपूर्णानंद के साथ रमन त्यागी व अन्य छात्रों को यह जिम्मा सौंपा गया है। वह मेरठ की नीर फाउंडेशन संस्था के साथ मिलकर काली नदी के जल पर शोध करेंगे। शोध कार्य छह माह तक चलेगा।
40 गांवों की मिट्टी, फसल बनेगी आधार
काली नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जल, मृदा और फसल तीन स्तरों पर शोध होगा। ये तीनों चीजें इस शोध का आधार बनेंगी। शोध में छात्र नदी क ा प्रदूषित पानी किस प्रकार मिट्टी, भूजल और फसल को प्रभावित कर रहा है, इसे देखेंगे। पानी में मिले केमिकल मानव स्वास्थ्य को किस प्रकार प्रभावित कर रहे हैं, यह जांचा जाएगा। जलालपुर, घोसीपुर सहित 40 गांवों से पानी, मिट्टी, फसल के नमूने लिए जाएंगे। जिन्हें शोध में शामिल किया जाएगा।
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300 इकाइयों का कचरा दूषित कर रहा जल
औद्योगिक इकाइयों के कचरे और इंडस्ट्रियल वेस्टेज ने काली नदी के पानी को जहरीला बना दिया है। काली नदी के किनारे लगी 300 से अधिक औद्योगिक इकाइयाें से निकलने वाला दूषित जल सीधे नदी में डाला जा रहा है। इसके चलते नदी के जल में लेड, क्रोमियम, हैवी मैटल्स, मैग्नीज, प्रतिबंधित रसायन व लौहतत्व भारी मात्रा में मिल चुके हैं। पानी का पीएच 8.02 से अधिक पहुंच चुका है। जिसके चलते नदी का पानी अम्लीय बन चुका है। जहरीले पानी के कारण त्वचा, सांस के रोग हो रहे हैं। नदी का पानी कैंसर का प्रमुख कारण बन गया है। इंसानों के साथ पशु भी बीमार हो रहे हैं। फसल चक्र भी गड़बड़ा गया है।
काली नदी पर नहीं ऑथेंटिक स्टडी
भारत सरकार जल मंत्रालय के सचिव यूपी सिंह पिछले दिनों मेरठ आए थे। तब उन्होंने काली नदी क ा निरीक्षण किया, निरीक्षण के वक्त सचिव ने कहा था कि काली नदी पर कोई ऐसा शोधकार्य नहीं है, जो इस बात को सिद्ध करे कि नदी के प्रदूषित जल के कारण ही लोग बीमार हो रहे हैं। यह प्रदूषित जल कैंसर होने व फसलों को खराब करने का कारण है।
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शासन को जाएगी रिपोर्ट
दोनों संस्थानों के छात्र काली नदी के जल व फसल के नमूने लेकर शोध करेंगे। शोध कार्य की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। यह रिपोर्ट काली नदी के संरक्षण व इसे प्रदूषण मुक्त कराने का आधार बनेगी।
- रमन त्यागी, निदेशक नीर फाउंडेशन
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