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पैरोल पर छूटे तो फिर वापस नहीं लौटे 21 कैदी

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पैरोल पर छूटे तो फिर वापस नहीं लौटे 21 कैदी
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह जिला कारागार से पैरोल पर छूटे 21 कैदियों ने पैरोल की शर्तों का उल्लंघन कर दिया है। 25 सितंबर को वापस जिला कारागार लौटना था, लेकिन कैदी वापस नहीं पहुंचे। डीसीआरबी ने जिला कारागार से विवरण जुटाते हुए संबंधित थानों को उपलब्ध कराया है। थानावार टीमों का गठन कर जल्द सभी की गिरफ्तारी के आदेश दिए गए हैं।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला कारागार से मई में 42 सजायाफ्ता कैदियों को दो-दो महीने की विशेष पैरोल पर छोड़ा गया था। हाई पावर कमेटी की गाइड लाइन के अनुसार, 25 सितंबर तक कैदियों को वापस आना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 42 में से 21 कैदी वापस नहीं लौटे, इन्हें वापस लाने में जेल प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। इनमें दो महिला कैदी भी शामिल हैं। तमाम कोशिशों के बाद अब पुलिस से मदद मांगी गई है। संबंधित थानों को फरार कैदियों का विवरण जुटाया गया है जो सभी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजने का काम करेंगे।
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फरार कैदियों में दो दूसरे जनपद से
जेल प्रशासन ने 15 मई और 25 मई को 21-21 कैदियों को विशेष पैरोल पर रिहा किया था। इसमें ऐसे कैदी शामिल थे, जिनको आठ से दस साल की सजा मिली हो। 15 मई को रिहा 21 कैदियों में से 17 कैदी फरार हैं जबकि 25 मई को रिहा 21 कैदियों में से चार का कुछ अता पता नहीं है। फरार 21 कैदियों में 19 मेरठ जनपद के हैं, जबकि एक-एक कैदी अलीगढ़ व हाथरस से है।
इन कैदियों की गिरफ्तारी के आदेश
राजू (हाथरस), महेश चौहान (अलीगढ़), आस मोहम्मद (लिसाड़ीगेट), मुबस्सिर (सदर बाजार), रिंकू (ब्रह्मपुरी), गौरव (ट्रांसपोर्ट नगर), अजय (मुंडाली), नूर मोहम्मद (सरधना), मोहम्मद नौशाद (सरधना), आशीष उर्फ मिंटू (सरधना), अहसान (सरधना), प्रताप सिंह (परीक्षितगढ़), धर्मेंद्र (परीक्षितगढ़), पवनवीर (परीक्षितगढ़), सतपाल (किठौर), शेखर (भावनपुर), इरशाद (मवाना), जगन (सिविल लाइन), साबरा (लिसाड़ीगेट) और सईदा (नौचंदी)।
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वर्जन
थानों को भेज दिया विवरण
शासन द्वारा निर्धारित हाई पावर कमेटी की गाइड लाइन पर कैदियों को रिहा किया गया था। 21 कैदी ऐसे हैं जो लौटकर वापस नहीं आये हैं। सभी का विवरण संबंधित थानों को उपलब्ध करा दिया गया है जो उन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजेंगे। - राकेश कुमार, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
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