बौंद्रा। गांव गेसूपुर शुमाली में कई वर्ष पहले जिस पंचायतघर का निर्माण बैठकों के लिए कराया गया था वह आवारा पशुओं का अड्डा बनकर रह गया है। देखभाल के अभाव में यहां गदंगी का साम्राज्य है। इससे ग्रामीण परेशान और चिंतित हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इसकी शिकायत की, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली है।
गौरतलब है कि इस पंचायतघर का निर्माण वर्ष 2007 में कराया गया। निर्माण के बाद इस पर ताला जड़ दिया गया। इसकी देखभाल नहीं होने से आसपास झाड़ियां उग आई हैं। कई बार इन झाड़ियों से सांप भी निकल आते हैं। वे आसपास के घरों में प्रवेश कर जाते हैं। इनसे खासकर बच्चों को अधिक खतरा बन हुआ है। क्योंकि वे अक्सर खेलते हुए इस भवन की ओर चले जाते हैं। पंचायतघर के दरवाजे टूटे हुए हैं तथा शौचालय में गंदगी भरी है। ग्रामीण सोमपाल सिंह का कहना है कि पंचायतघर का कोई उपयोग नहीं है। इसे ध्वस्त कर इसके स्थान पर ग्रामीणों के लिए सामुदायिक भवन या अन्य कोई उपयोगी इमारत बनानी चाहिए ताकि इसका उपयोग हो सके। वहीं, ग्रामीण अमित कुमार का कहना कि इस पंचायतघर को बारातघर बना देना चाहिए जिससे ग्रामीणों को फायदा होगा।
वहीं, इस संबंध में ग्राम प्रधान पति खेमचंद का कहना है कि पंचायतघर में कभी-कभी बैठकें होती हैं। इसकी सफाई कराई जाएगी तथा पंचायतघर को सचारू कराया जाएगा। उधर, ग्राम सचिव मोनू कुमार ने बताया कि पंचायतघर का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया है। पंचायतघर में जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
मुख्य सचिव
ग्रामीण बोले इस इमारत का उपयोग नहीं हुआ, ग्राम प्रधान का कहना है कि कभी-कभी बैठकें होती हैं