गंगानगर स्थित आईआईएमटी विवि में खुले में नमाज पढ़ने के मामले में विवि प्रशासन ने छात्र खालिद मेवाती और तीन सुरक्षाकर्मियों को निलंबित कर दिया है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर खुले में नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल होने के बाद कुछ संगठन और महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने विरोध किया था। इसके बाद विवि प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में 50 से अधिक छात्र खुले में नमाज पढ़ते दिखाई दे रहे हैं। ये वीडियो क्लिप खालिद मेवाती खालिद प्रधान 302 इंस्टाग्राम अकाउंट से वायरल किया गया था। जिसके बाद और भी वीडियो खुले में नमाज पढ़ते हुए वायरल हुईं। हिंदू जागरण मंच के पूर्व महानगर अध्यक्ष सचिन सिरोही ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी थी कि इस प्रकरण में कार्रवाई नहीं की जाती है तो बड़ा आंदोलन करेंगे। उनका कहना था कि किसी विवि में सभी धर्म के छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। ऐसे में खुले में नमाज अदा करना गलत है।
बुधवार को मेरठ पहुंचे महंत यति नरसिंहानंद ने भी विवि में खुले में नमाज पढ़ने का विरोध किया था। उन्होंने कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में विवि प्रशासन की तरफ से जांच टीम गठित की गई थी।
जांच टीम के बुलाने पर नहीं पहुंचा आरोपी छात्र
आईआईएमटी समूह के मीडिया प्रभारी सुनील शर्मा ने बताया कि टीम की जांच में सामने आया कि परिसर में नमाज पढ़ने के लिए विवि प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई। जांच कमेटी ने माना कि विवि प्रशासन के संज्ञान में लाए बिना परिसर में नमाज पढ़ना और वीडियो वायरल करने का उद्देश्य विश्वविद्यालय में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना प्रतीत होता है। इस प्रकरण में मुख्य आरोपी छात्र खालिद प्रधान (खालिद मेवाती) को जांच समिति ने पक्ष रखने के लिए बुलाया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ। जिसके बाद छात्र को निलंबित कर दिया गया। वहीं तीन सुरक्षाकर्मियों को भी लापरवाही पर निलंबित किया गया है।
छात्र पर कानूनी कार्रवाई की मांग
आईआईएमटी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पुलिस और प्रशासन से अपील गई है कि खालिद प्रधान (खालिद मेवाती) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं लालकुर्ती थाना क्षेत्र के बेगमबाग में रहने वाले कार्तिक ने भी गंगानगर थाने पहुंचकर तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।