सुप्रीम कोर्ट के नए फैसले से दिल्ली की गद्दी पर बैठने के मायावती और मुलायम सिंह यादव के सपने भी टूट सकते हैं।
दरअसल आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक मई 2013 को मायावती को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई चाहे तो मामले की जांच करा सकती है।
पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई को जांच करने की पूरी आजादी है। उधर लोकसभा सांसद और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे विधायक और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी कोर्ट के फैसले की तलवार लटकी है।
मुलायम सिंह ने केस रद्द कराने की भरपूर कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। वो सुप्रीम कोर्ट तक गए लेकिन 13 दिसंबर 2012 को कोर्ट ने सीबीआई को जांच जारी रखने का निर्देश दे दिया।
विधायक मुख्तार अंसारी भी इसकी जद में आ सकते हैं। उन पर हत्या, अपहरण, फिरौती समेत कई आपराधिक मामले हैं। अगर मुख्तार अंसारी को एक भी केस में सजा मिली तो उनकी विधायकी चली जाएगी।