इनरजीत ने प्रतिमा के ऊपर कुल्हाड़ी से कई वार किए। जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। प्रतिमा के चिल्लाने की आवाज सुनकर मौके पर ग्रामीण जमा हो गए। लोगों को आते देख इनरजीत मौके से भाग निकला। रास्ते में उसने पड़ोसी अंशिका यादव (15) पुत्री सुभाष यादव को भी कुल्हाड़ी से मारकर घायल कर दिया।
घटना के समय इनरजीत के भाई और पिता काम के सिलसिले में बाहर थे। ग्रामीणों ने आनन-फानन में दोनों घायलों को उपचार के लिए मधुबन सीएचसी पहुंचाया। इसी बीच इनरजीत चुपके से अपने घर पहुंचा और साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सीएचसी में प्रतिमा की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि अविवाहित इनरजीत चार भाईयों में तीसरे नंबर पर था। मृतक के दूसरे नंबर के भाई अमरजीत यादव ने डेढ़ वर्ष पहले विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। मधुबन थानाध्यक्ष सौरभ कुमार राय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
लिलहवा गांव में कुल्हाड़ी से घायल कर अपनी भाभी जान लेने वाले तथा पड़ोस की एक किशोरी को घायल करने की सूचना मिलने पर तत्काल मधुबन पुलिस पहुंच गई। पुलिस घटना स्थल देखने के लिए घर में दाखिल हुई, तो एक कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था।
पुलिस ने कमरे के भीतर झांककर देखा तो छत में लगे हुक में साड़ी के फंदे के सहारे इनरजीत लटका हुआ था। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ग्रामीणों का कहना है कि जिस समय लोग घायलों को उपचार के लिए ले जा रहे थे उसी समय इनरजीत ने फांसी लगा ली होगी।