घोसी। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) का दूसरा जिला सम्मेलन रविवार को कस्बे के वनगांवा स्थित एक मैरिज हॉल में हुआ। इसमें श्रमिकों के समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया। साथ ही नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
सीटू के प्रदेश सचिव अजीत सिंह ने कहा कि आज चार श्रम संहिताओं से मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं। इन अधिकारों को संघर्ष के बल पर हासिल करने में दशकों लग गए थे। वर्तमान सरकार देश के मजदूरों पर योजनाबद्ध तरीके से हमले कर रही है। श्रम संहिताओं के लागू होने से मजदूरों के काम के घंटे बढ़ेंगे, नौकरी की सुरक्षा समाप्त होगी। न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा कमजोर होगी।
यह पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने और मजदूरों को गुलामी की स्थिति में ढकेलने की साजिश है। जमानत अब्बास ने कहा कि आज देश में मजदूर वर्ग न केवल आर्थिक हमलों का सामना कर रहा है, बल्कि सांप्रदायिकता और जातीय विभाजन की राजनीति से भी जूझ रहा है।
सरकार जनता के असली मुद्दोंं महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण और सामाजिक सुरक्षा से ध्यान हटाने के लिए समाज को बांटने का काम कर रही है। उन्होंने चेताया कि यह विभाजन मजदूर वर्ग की एकता के लिए घातक है।
शिवाकांत मिश्र ने सीटू को संगठन विस्तार, यूनियन सुदृढ़ीकरण और सामूहिक एकता को प्राथमिकता बनाना होगा। अंत में नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें जमानत अब्बास उर्फ भोलू को अध्यक्ष, शिवाकांत मिश्र को महामंत्री, पीयूष उपाध्याय को उपाध्यक्ष, विनय तिवारी को कोषाध्यक्ष, जयहिंद राजभर को सहायक सचिव, लक्ष्मीना शर्मा को उपाध्यक्ष, राहुल तिवारी को सहायक सचिव और नागेंद्र नाथ पांडेय, जयराम चौरसिया को कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया।
इस अवसर पर सूर्यनाथ प्रसाद, गंगाराम, परमात्मा सिंह, उपेंद्रनाथ राय, राजेशपति, इम्तेयाज अहमद, आदित्य गुप्ता आदि उपस्थित रहे।