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आखिरकार कब चालू होगा ताजोपुर ओवरहेड टैंक

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मऊ। सरकार की तरफ से लाखों की लागत से शुद्ध पेयजल उपलब्ध करने की योजनाएं विभागीय लापरवाही से धरातल पर उतरती नजर नहीं आ रही है। नगरपालिका क्षेत्र के ताजोपुर वार्ड में वर्ष 2014 में 15 लाख की लागत से बना ओवरहेड टैंक विभागीय लापरवाही से हैंडओवर नहीं हो सका। विभाग की तरफ से बिछाई गई पाइप लाइन ध्वस्त हो चुकी है। हालत यह है कि वार्ड के तीन मुहल्ले के लोगों को शुद्ध पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। शिकायत के बाद भी आला अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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नगरपालिका क्षेत्र के ताजोपुर वार्ड नंबर चार के मिश्रपुरा, दलित बस्ती तथा मंड़ई मुहल्ले के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभाग की तरफ से वर्ष 2014 मेें 15 लाख की लागत से 25 हजार लीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक बनाया गया। तीनों मुहल्लों में पाइप लाइन भी बिछाई गई। मुहल्लेवासियों की माने तो पाइप लाइन बिछाने के कुछ माह बाद ही यह पाइप लाइन ध्वस्त हो गई।
ओवरहेड टैंक बनने के आठ वर्ष बाद भी उद्घाटन नहीं हो सका है। इसके चलते लगभग तीन हजार आबादी को शुद्ध पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा है। इन तीन मुहल्लों में 12 इंडिया मार्क टू हैंडपंप लगे हैं जिसमें से पांच खराब पड़े हैं। मुहल्लों में नगरपालिका द्वारा नागरिक सुविधाएं न के बराबर हैं। यहां पेयजल के लिए कोई सुविधा नहीं हैं। चौंकाने वाली बात हैं आठ वर्ष पहले बने ओवरहेड टैंक की सुध लेने के लिए नगरपालिका प्रशासन की तरफ से जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है। पाइप लाइन भी घरों तक पहुंचाई गई।
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घरों तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में वार्ड वासियों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। मुहल्लों के लोगों को हैंडपंप या निजी मोटर पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। वहीं, नपा के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार दिनेश कुमार ने बताया कि वार्ड नंबर चार में बने ओवरहेड टैंक के संबंध मेें सभी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पड़ताल के बाद ओवरहेड टैंक को चालू कराया जाएगा।
ओवरहेडटैंक को अविलंब कराया जाए चालू
ताजोपुर नगर निवासी बबलू यादव ने कहा कि ओवर हेड टैंक किस विभाग द्वारा बनवाया गया है इसकी किसी को जानकारी नहीं है। महज शो पीस बने इस ओवर हेड टैंक से आजतक पानी की सप्लाई नहीं हुई है। इसी क्रम में बागेश पांडेय का कहना था कि वर्ष 2014 से ओवरहेड टैंक बना तथा पाइप लाइन बिछाया गया। लेकिन आजतक इसका लाभ नहीं मिला। पाइप लाइन ध्वस्त हो गई। लेकिन किसी ने सुधि लेने की सुधि लेने की जहमत तक नहीं उठाई। इसी क्रम मेेें रणजीत पांडेय का कहना था कि लाखों की लागत से बने ओवरहेड टैंक का लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। सभासद मुकेश सिंह का कहना था कि इस संबंध में नगरपालिका को कई बार अवगत कराया जा चुका है।
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