सरयू नदी का जलस्तर घटने से लोगों ने राहत की सांस ली है। गौरीशंकर घाट पर लगे मीटर गेज पर खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 65 सेमी नीचे पहुंचने के बाद भी ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडरा रहा है।
कटान पीड़ितों की मानें तो नदी कभी भी रौद्र रूप धारण कर सकती है। नदी जब भी घटती है कटान का खतरा बढ़ जाता है। नदी की लहरें भारत माता मंदिर की दीवारों पर टकरा रही है। इससे मुक्तिधाम, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, शाही मस्जिद, सरस्वती मंदिर सहित ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। बृहस्पतिवार को 10 सेमी घट कर 69.25 मीटर पर पहुंच गया। बुधवार को जलस्तर 69.35 मीटर रहा। वहीं, नदी की तेज धारा में तटवर्ती इलाकों के खेती की जमीन नदी में विलीन हो रही है। नवली देवारा में घाघरा खेती योग्य भूमि को नदी के जद में लेना शुरू कर दिया है। संवाद