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टीकाकरण की रफ्तार पर वैक्सीन की कमी का ब्रेकर

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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच टीकाकरण कराने को लेकर 18 वर्ष से ज्यादा आयु के युवाओं में टीकाकरण को लेकर रुचि बढ़ी है। मगर, वैक्सीन का स्टॉक कम होने से टीकाकरण का लक्ष्य लड़खड़ा जा रहा है।
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जिले में अब तक पांच लाख नौ हजार लोगों को टीका लग चुका है। इसमें 87 हजार लोगों को टीके की दोनों डोज लगाई जा चुकी है। हालांकि टीकाकरण का ग्राफ बढ़ सकता था, लेकिन बीते कई दिनों से टीकाकरण का कम स्टॉक इसमें बाधा बन रहा है।
जिला प्रतीरक्षण अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर गत 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू किया गया है। पहले चरण में सरकारी और निजी क्षेत्र के आठ हजार से ज्यादा हेल्थवर्करों का टीकाकरण किया गया। दूसरे चरण में 18 हजार फ्रंटलाइन वर्करों को टीका लगाया गया। तीसरे चरण में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण किया गया। वहीं वर्तमान में बीते एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। बताया कि सात माह में पांच लाख नौ हजार 157 लोगों को टीके की पहली डोज दी जा चुकी है। इनमें करीब 87 हजार 223 लोगों को टीके की दोनों डोज लग चुकी है। इसमें चार लाख 21 हजार 937 लोगों को टीके की पहली डोज लगाई जा चुकी है। इनमें युवाओं की संख्या एक लाख 25 हजार है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में टीकाकरण का लक्ष्य दस हजार का है। इसके मुकाबले 60 फीसदी से कम ही टीकाकरण हो रहा है। गत 11 अगस्त को 50 केंद्रों पर छह हजार 345 लोगों का टीकाकरण किया गया। इसमें दो हजार 873 युवा रहे। इससे पूर्व 10 अगस्त को छह हजार 36 लोगों का टीकाकरण हुआ। टीकाकरण के ग्राफ में कमी आने के पीछे टीकाकरण का स्टॉक कम होना मुख्य वजह है। वर्तमान में जिले में दस हजार से कम टीके का स्टॉक है।
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