मंत्री दारा सिंह चौहान ने 2022 में भी दिया था इस्तीफा
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दारा सिंह चौहान ने राजनीतिक जीवन से छात्र राजनीति से कदम रखा था। पहले कांग्रेस संगठन में पदाधिकारी रहे, फिर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। वर्ष 1996 में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने उन्हें राज्यसभा भेजा। 2000 में कार्यकाल पूरा होने पर पुन: 2000 से 2006 तक राज्यसभा में सपा का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद फिर पलटी मारी और बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें घोसी लोकसभा सीट से 2009 में चुनाव लड़ाया और पहली बार लोकसभा सदस्य बने। उन्हें लोकसभा में संसदीय दल का नेता भी बनाया गया। वर्ष 2014 में पुन: बसपा के टिकट पर लोकसभा के लिए मैदान में उतरे किंतु भाजपा प्रत्याशी हरिनारायण राजभर के हाथों हार गए। देश में चल रहे सियासी तापमान को भांप दारा सिंह चौहान वर्ष 2015 में भाजपा में शामिल हो गए। यहां भी उन्हें सम्मान मिला और पिछड़ा वर्ग मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत किया गया।
2017 के चुनाव में पार्टी ने मधुबन विधानसभा से टिकट दिया, जहां से 30 हजार से अधिक वोटों से जीत कर प्रदेश सरकार में मंत्री बने। इसके बाद सियासी मौसम को देख फिर यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के पहले पलटी मार गए। भाजपा से सपा में गए। घोसी सीट से विधायक बने। अब उन्होंने सपा से इस्तीफा दे दिया है।