कोपागंज थाना क्षेत्र के भदसामानोपुर गांव निवासी विपिन त्रिपाठी उर्फ रवि प्रकाश पुत्र राम विजय त्रिपाठी के विरुद्ध कोपागंज थाने की पुलिस ने गुंडा एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया। पुलिस का आरोप है कि आरोपी विपिन त्रिपाठी को जिलाधिकारी ने 3 अक्तूबर को गुंडा एक्ट के तहत 6 माह के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया था।
जिलाधिकारी के आदेश का आरोपी पर बिना तामिल कराए गुंडा एक्ट में गिरफ्तार कर रिमांड के लिए पेश करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुवंर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने एसआई सुनील कुमार सरोज की अर्जी को खारिज कर दिया। साथही आरोपी विपिन त्रिपाठी उर्फ रवि प्रकाश को व्यक्तिगत मुचलका पर रिहा करने का आदेश दिया। प्रभारी सीजेएम ने आदेश की प्रति आवश्यक कार्यवाही के लिए पुलिस अधीक्षक को भेजे जाने का निर्देश दिया। मामला कोपागंज थाना क्षेत्र का है।
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मामले के अनुसार कोपागंज थाना क्षेत्र के भदसामानोपुर गांव निवासी विपिन त्रिपाठी उर्फ रवि प्रकाश पुत्र राम विजय त्रिपाठी के विरुद्ध कोपागंज थाने की पुलिस ने गुंडा एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया। पुलिस का आरोप है कि आरोपी विपिन त्रिपाठी को जिलाधिकारी ने 3 अक्तूबर को गुंडा एक्ट के तहत 6 माह के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया था। जिसका आरोपी ने उलंघन किया है। मामले के विवेचक एसआई सुनील कुमार सरोज ने आरोपी को 21 अक्तूबर की गिरफ्तारी दिखाकर न्यायिक रिमांड के लिए उसे सीजेएम कोर्ट में पेशकर किया।
विवेचक का अर्जी पर प्रभारी सीजेएम ने आरोपी के अधिवक्ता और अभियोजन अधिकारी के तर्कों को सुनने तथा प्रपत्रों का अवलोकन करने के बाद अपने आदेश मे लिखा कि आरोपी एक अन्य मामले में 23 सितंबर से जेल मे था वह 11 अक्तूबर को जेल से रिहा हुआ। इसबीच 3 अक्तूबर को जिलाधिकारी ने उसे 6 माह के लिए जिला बदर करने का आदेश दिया। लेकिन आदेश की जानकारी न तो आरोपी को हुई और न ही उसके परिवार वालों को हुई। केस डायरी मे आरोपी को आजमगढ़ जनपद की सीमा पर छोडे जाने के बावत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है। जिसपर आरोपी का 20 अक्तूबर को हस्ताक्षर कराया जाना प्रतीत होता है। और 21 अक्तूबर को एफआईआर दर्ज की गई हैं। ऐसी परिस्थिति में विवेचक की न्यायिक अभिरक्षा/ रिमांड स्वीकार करने की अर्जी खारिज कर दिया।तथा उसे व्यक्तिगत मुचलका पर रिहा करने का आदेश दिया। तथा आरोपी को 22 अक्तूबर की सुबह 6 बजे तक जिले की सीमा से बाहर चले जाने का आदेश दिया। प्रभारी सीजेएम ने आदेश की प्रति आवश्यक कार्यवाही के लिए पुलिस अधीक्षक को भेजे जाने का आदेश दिया।