मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर 1 जनार्दन यादव ने जाली नोट बरामदगी के मामले में नामजद तीन आरोपियों में सुनवाई के बाद दो को दोषी पाने पर तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ ही 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया। एक आरोपी की मौत होने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी। मामला कोपागंज थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष कोपागंज एमपी सिंह की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। वादी का आरोप है कि कोपागंज थाना क्षेत्र के कसारा मोड पर 12 मार्च 2010 की को आरोपियों को पकड़ा गया। पकडे गए आरोपियों में कोतवाली घोसी क्षेत्र कुड़हनी गांव निवासी कैलाश सिंह के पास से 100 रुपये के 50 जालीनोट, दोहरीघाट थाना क्षेत्र के अपणडीहा गांव निवासी प्रवीण उर्फ मुन्ना के पास से 100 रुपये के 35 जाली नोट और कटिहारी गांव निवासी रमाकांत यादव उर्फ कांता के पास से 100 रुपये के दो जाली नोट बरामद किया गया था।
इस आधार पर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण कैलाश सिंह व प्रवीण उर्फ मुन्ना को जाली नोट के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद दोनों को तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ ही 10-10 हजार रुपया अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं रमाकांत यादव उर्फ कांंता की मौत हो जाने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी।