मऊ। जिले में निकायों की उदासीनता के चलते स्वच्छता को लेकर काफी दयनीय स्थिति बनी हुई है। हालांकि जब भी स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान चलाया जाता है, निकायों की तरफ से दीवारों पर स्लोगन और बैनर जरूर लगा दिए जाते हैं। लेकिन स्वच्छता की न तो बेहतर व्यवस्था होती है और न ही नागरिक सुविधाओं की। सड़कों के किनारे गंदगी पसरी हुई है। खाली जगहों पर हजारों टन डंप कचरे को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। हालांकि निकायों द्वारा मुख्य सड़कों को ही साफ करने पर फोकस किया जा रहा है। स्थिति यह है कि वार्डों में रखरखाव के अभाव में नालियां चोक हैं, जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से पानी जमा होकर बजबजा रहा है।
न के बराबर है फागिंग की व्यवस्था:
मऊ। नगरपालिका क्षेत्र में साफ-सफाई को लेकर महज खाना पूर्ति ही की जा रही है। हकीकत यह है कि नगर के मुंशीपुरा, सहादतपुरा, आजमगढ़ मोड़, निजामुद्दीनपुरा, भीटी आदि जगहों पर सड़क किनारे पसरी गंदगी के कारण लोगों को खासी परेशानी हो रही है। हालांकि नगर पालिका ने घर-घर कचरा संग्रहण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन सड़क तथा खाली स्थानों पर डंप किए गए कचरे व गंदगी की तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। नगर के बंधा रोड स्थित स्लाटर हाऊस के बाहर काफी संख्या में लोहे के डस्टबिन फेंके गए हैं। वहीं बारिश के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इसके बाद भी नगर में फॉगिंग की व्यवस्था न के बराबर देखने को मिल रही है।
खुले में डंप पड़ा है 15 एमटी कचरा :
घोसी। नगर के कई मुहल्लों में साफ-सफाई के अभाव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। साफ-सफाई न होने से नालियां चोक होकर बजबजा रही हैं। घोसी के करीमुद्दीनपुर इमलीबाग मुहल्ला में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जिससे मुहल्लेवासियों के खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मदापुर का दक्षिणी तरफ सीताकुंड के चौक मुहल्ला के पास जल जमाव व गंदगी लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। नगर से निकलने वाले 15 एमटी कचरे को घोसी तहसील के पास स्थित दाल मिल के पीछे तथा नदवासराय मार्ग पर डंप किया जा रहा है। हालांकि पांच वर्ष पूर्व दीवारों पर स्वच्छता को लेकर स्लोगन इत्यादि जरूर बनाए गए। लेकिन नगर के स्वस्छ रखने के क्रम में समुचित उपाय नहीं किया जा रहा है।
मुख्य मार्ग पर डंप हो रहा कूड़ा:
मधुबन। अहिरौली बाइपास के पास तथा खीरी कोटा में सड़क के किनारे ही क्षेत्र से निकलने वाले हजारों टन कूड़े को डंप किया जा रहा है। मुख्य मार्ग पर ही कई टन कूड़े का अंबार लगाए जाने से मार्ग से निकलने वाले लोगों तथा आस-पास के निवासियों का जीना दूभर हो गया है। इसके साथ ही क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में नगर पंचायत द्वारा साफ-सफाई तो कराई जाती है, लेकिन नालियों का चोक होना तथा उनकी क्षतिग्रस्त पटिया के कारण काफी दुश्वारियां हो रही हैं। सार्वजनिक स्थानों तथा मुख्य मार्गो पर पसरी गंदगी नगर पंचायत की उदासीनता को दर्शाती है।
उसरी निवासी मूरत मल्ल संचारी का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा समुचित साफ-सफाई न कराने से संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है। नेवादा निवासी राणा प्रताप यादव का कहना है कि वाडों में नालियां तो बनी हैं, लेकिन मुख्य नाले से ना जुड़े होने से नाले का पानी सड़क पर बह रहा है। खीरीकोटा निवासी राजेश मल्ल का कहना है कि क्षेत्र में नालियां टूटी होने के कारण उनसे बहने वाला पानी चोक होकर ऊपर से बहता है। हृदेश पाण्डेय का कहना है कि खीरी कोटा में मुख्य मार्ग पर कूड़ा डंप होने से उसकी बदबू के कारण वहां से गुजरना भी दूभर हो जाता है।