दुबारी (मऊ)। घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से मधुबन क्षेत्र के देवारा के लोगों में नदी के कहर बरपाने की चिंता सता रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में नौ सेमी वृद्धि दर्ज की गई। जलजमाव से हजारों एकड़ जलमग्न फसलों के नष्ट होने से पशुुुओं के लिए चारे का संकट पैदा हो गया है। लेकिन अभी तक शासन प्रशासन की तरफ से किसानों की सुधि नहीं ली जा सकी है।
नदी का जलस्तर घटने से लोग राहत की सांस ले रहे थे। रविवार को नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से देवारा के चक्की मूसाडोही, भगत का पुरा, विंदटोलिया, नई बस्ती, जरलहवा, बइरकंटा, विशुन का पुरा, पब्बर का पुरा, खैरा हरिलाल का पुरा, बिंदर का पुरा, बिशुन का पुरा, भगत का पुरा, धूस का पूरा, पब्बर का पुरा, चौहानपुर, बरोहा, कुंवरपुरवा, परसिया, गजियापुर मोलनापुर सहित दो दर्जन से अधिक गांवों को टापू में तब्दील होने की चिंता सताने लगी है। परसिया जयराम गिरी हाहा नाला पर नदी का जलस्तर रविवार को 65.56 मीटर रहा जो शनिवार को 66.47 मीटर था।
नदी का खतरा निशान 66.31 मीटर है। बिंदटोलिया तथा खैरा पुरवा के पास कटान तेज होने से कटानपीड़ितों को भूमिहीन होने की चिंता सतान लगी है। कटान पीड़ितों का कहना है कि गांव को कटान से बचाने के लिए धरना-प्रदर्शन के दौरान आश्वासन दिया गया लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। कटान रोकने के लिए कोई उपाय अविलंब नहीं किया गया तो हम लोग जिला मुख्यालय पर धरना देने को बाध्य होंगे।