मऊ। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए मंगलवार की आधी रात में आई एक गरीब गर्भवती को लेबर रूम में ड्यूटी पर रही नर्सों ने भगा दिया। महिला के पति ने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए जिला अस्पताल में कार्यरत एक कर्मचारी का नजदीकी होने की बात कहते हुए मदद का अनुरोध किया। इससे भड़की नर्स ने अपने पति और सीएमओ आफिस के एक चपरासी को बुला लिया।
दोनों ने आकर गर्भवती महिला के पति से गालीगलौज कर अभद्रता की। वहां ड्युटी पर तैनात एक पुलिस कर्मी ने जब दोनों को ऐसा करने से मना किया तो नर्स का पति व सीएमओ कार्यालय का चपरासी पुलिस से मारपीट करने लगे। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपियों की पिटाई की और जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद उनका चालान कर दिया। इस बीच हंगामा बढ़ता देख प्रसव के लिए आई महिला अपने पति के साथ फातिमा अस्पताल गए।
सरायलखंसी थाना के डुमरांव गांव निवासी सरिता को प्रसव पीड़ा होने पर रात पौने बारह बजे उसका पति अरविंद कौशिक उसे लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचा। वहां जब लेबर रूप में तैनात नर्स ने उससे रुपयों की मांग किया तो उसने अपने को काफी गरीब बताते हुए जिला अस्पताल में कार्यरत एक कर्मचारी का रिश्तेदार बताते हुए मदद करने की गुहार लगाई। इतना सुनते ही नर्स भड़क गई। उसने कहा कि वहीं ले जाकर प्रसव करा लो, यहां क्यों लाए हो। इसी बात पर बात बढ़ गई तो नर्स ने फोन कर अपने पति को बुला लिया।
उसका पति दिलीप कुमार अपने साथी सीएमओ आफिस में कार्यरत चपरासी नीरज कुमार को साथ लेकर महिला अस्पताल पहुंच गया। इन दोनों ने अरविंद को काफी हड़काया और वहां से भाग जाने को कहा। इन दोनों का हंगामा देखकर 112 यूपी डायल पर तैनात एक पुलिस कर्मी ने उन्हें टोका तो इन दोनों ने सिपाही पर हाथ छोड़ दिया।
यह सब देख वाहन में बैठी महिला सिपाही ने वायरलेस पर सूचना दे दी। कुछ ही समय में काफी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों की धुनाई करने के बाद जिला अस्पताल ले जाकर मेडिकल कराया। दोनों शराब के नशे में बताए गए। पुलिस ने चपरासी नीरज और नर्स के पति दिलीप के विरुद्ध शांति भंग की आशंका की धारा में मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया। इस बाबत प्रभारी कोतवाल इंस्पेक्टर मूलचंद चौरसिया का कहना था कि नीरज और दिलीप के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया गया।