मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में भीषण गर्मी का कहर अप्रैल के अंतिम सप्ताह में जारी रहने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दोपहर के समय सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम दिखी।
जिले में शनिवार को सुबह आठ बजे से ही बदन झुलसा देने वाली गर्मी का प्रकोप शुरू हो गया। दोपहर 12 बजे से लेकर शाम चार आने तक लू के थपेड़ों ने लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर किया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा की स्थिति रही। लोग सिर, मुंह को कपड़ों से ढककर बाहर निकले।
शनिवार को अधिकतम 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता 14 प्रतिशत रही। जबकि 11 किमी की रफ्तार से हवा चली। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो गर्म हवाओं के चलने से शरीर में पानी की कमी होने का अंदेशा बना रहता है। यही नहीं हीट स्ट्रोक की संभावनाएं भी बढ़ जाती है। आंखों की बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है। चिकित्सक ऐसे मौसम में धूप व लू से बचने और बार-बार पानी पीने की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि लू से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। गर्मी में नियमित अंतराल पर आराम करने और छायादार स्थान पर रहने की सलाह दी। साथ ही ओआरएस और नीबू पानी पीना लाभदायक बताया।