मऊ। शासन ने प्रदेश के सभी जिलों में सड़कों को 30 नवंबर तक गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया है। लेकिन जिले में शासन के इस आदेश को जिम्मेदार कागजों में पूरा करते दिख रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ ओर ही बयां कर रहा है। जिम्मेदारों की यह समझदारी रानीपुर ब्लाक की दो मुख्य सड़कों के हाल से सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। यह सड़क मार्ग है कि खुरहट-रानीपुर मार्ग, पिरूवा- रानीपुर मार्ग। इन सड़कों पर हर दो से तीन फीट पर बने गहरें गड्ढ़े शासन के गड्ढामुक्त अभियान को गड्ढे में धकेल रहा है। चौकाने वाली बात है कि शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट रही है।
बारिश में जिले के ग्रामीण इलाके की अधिकतर सड़कें टूट गई हैं। बड़े-बड़े गड्ढों के चलते इतनी बदहाल हैं कि चलना भी मुश्किल है। 30 नवंबर तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का शासन का फरमान भी बेअसर है। यही स्थिति वर्तमान में दस किमी लंबे मार्ग खुरहट-रानीपुर मार्ग की है। रानीपुर ब्लाक मुख्यालय से जोड़ने वाली इस सड़क मार्ग से उमती, पलिया, सोनिसा, शाहिदपुर सहित 50 गांवों के लोगों की आवाजाही रहती है। करीब एक दशक पूर्व बनी यह सड़क कई सालों से मरम्मत की बाट जोह रही है, लेकिन उसका यह इंतजार कब खत्म होगा वह तो समय ही निर्धारित करेगा।
इसी तरह से तीन किमी लंबे रानीपुर-पुरूवा सड़क मार्ग की स्थिति है। इस मार्ग से रोजाना पिरूवा, काझा, बस्ती, खिरिया सहित 20 से ज्यादा गांवों के लोगों के अलावा दूसरे रूट से गुजरने वाले वाहन चालकों का गुजरना होता है। सड़क की यह स्थिति है कि एक दशक से अधिक समय पूर्व बनी इस सड़क का निर्माण मानक के अनुरूप न होने से कुछ वर्षों में कई जगह से टूट गई है। अब वह वर्षों से यह सड़क भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है।
बदहाल सड़क को लेकर स्थानीय निवासी गौतम चौधरी, जितेंद्र यादव, अजीत यादव, रामप्रसाद का कहना कि सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर न केवल कई बार जिम्मेदारों को मौखिक अवगत कराया गया, बल्कि उन्हें लिखित शिकायत भी की गई। बावजूद सड़क का मरम्मत तो दूर जिम्मेदारों द्वारा ठोस आश्वासन भी नहीं दिया गया। ऐसे में जब शासन का फरमान आया कि 30 नवंबर तक सभी बदहाल सड़कों को गड्ढामुुक्त करना है तो उम्मीद जगी थी। लेकिन नवंबर माह के खत्म होने का समय नजदीक होने के बाद भी अब तक सड़क पर मरम्मत कार्य शुरू न होने से यह उम्मीदें भी अब खत्म होती जा रही हैं।