फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mau News: 15 दिन पहले दोबारा आने को कहकर निकले थे दिवंगत परमात्मा सिंह

विज्ञापन
विज्ञापन
मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। एक करोड़ 40 लाख की ठगी मामले में जान देने वाले डॉक्टर परमात्मा सिंह का शव शुक्रवार की सुबह उनके गांव बरबोझी पहुंचा। यहां से परिजन उनका शव लेकर गाजीपुर पहुंचे और उनका अंतिम संस्कार किया। 12 वर्षीय बेटे अरिहंत ने उन्हें मुखाग्नि दी।
विज्ञापन

शुक्रवार को पैतृक गांव बरबोझी में शव के पहुंचने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने बताया कि दिवंगत डॉक्टर परमात्मा सिंह का गांव कम आना-जाना होता था लेकिन जब भी आते और उस दौरान वह लोगों से जरूर मिलते थे। 15 दिन पहले वे अपने साथ रह रही मां को छोड़ने के लिए गांव आए थे। कुछ देर रहने के बाद वापस गोरखपुर चले गए। परमात्मा ने परिजनों से कहा था कि जल्द ही दोबारा आएंगे। उधर, गांव में शव को परिजन गाजीपुर के राजघाट स्थित गंगा तट पर सुबह लेकर पहुंचे। यहां करीब 11 बजे बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान पत्नी सुमित्रा सिंह, आठ वर्षीय बेटी पड़िका उर्फ बिन्नी सहित अन्य परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
पिता बोले मेरा बेटा हिम्मती लेकिन ठगों की साजिश के सामने हार गया
घटना से आहत परमात्मा सिंह के पिता ने कहा कि उनका बेटा बेहद हिम्मती था, लेकिन ठगों की साजिश में वह ऐसा फंसा कि वह अपनी जिंदगी ही हार बैठा। पुलिस इसे आत्महत्या नहीं हत्या मानकर मामले की जांच करे और सभी आरोपियों पर कार्रवाई करे। डा. परमात्मा सिंह ने पांच अगस्त को गोरखपुर के एम्स थाने में गरिमा सिंह व उसके सहयोगियों पर 1.40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में गरिमा सिंह और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। परमात्मा सिंह ने बीते गुरुवार सुबह अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से गिरने से डाॅ. परमात्मा सिंह की मौत हो गई थी। पुलिस को कमरे से कथित तौर पर सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें गरिमा सिंह का नाम दर्ज होने की बात सामने आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें