मऊ। तमसा नदी के जलस्तर में लगभग डेढ़ दशक के बाद भयंकर उफान के कारण शहर में लोगों की धुकधुकी बढ़ी हुई है। गत दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद से उपजी स्थित सुधरने का नाम नहीं ले रही है। तमसा का जलस्तर कम नहीं हो रहा है। बाढ़ के कारण शहर के कोल्हाड़, निषाद नगर, ख्वाजाजहांपुर मुहल्ले में लोगों की समस्याएं बढ़ती ही जा रही हैं। वहीं पिछले एक सप्ताह से इस इलाके में बिजली काट दी गई है। इससे लोगों को खासी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं घरों में विषैले जंतुओं के घुसने से लोगों में काफी भय व्याप्त है।
तमसा के बढ़े जलस्तर के कारण शहर के सभी रेगुलेटर बंद कर दिए गए हैं। वहीं सिचाई एवं बाढ़ विभाग तमसा के जलस्तर पर नजर बनाए रखने के साथ तटबंध टूटने के कई संभावित स्थानों पर निगरानी बढ़ाते हुए एलर्ट मोड पर है। वहीं एक सप्ताह से इस मुहल्ले की बिजली काट दी गई है। इससे लोग काफी बेहाल है। उनका कहना है कि विषैले जंतु घरों में घुस रहे हैं, लेकिन अंधेरे के कारण काफी परेशानी हो रही है।
शहर के कोल्हाड़, निषादनगर, ख्वाजाजहांपुर मुहल्ले के बाढ़ पीड़ितों के सामने कई प्रकार की चुनौतियां आ गई हैं। 300 से अधिक घर इसकी चपेट में आ गए हैं। लोगों के सामने खाद्य सामग्रियों सहित पशुओं के चारे की दिक्कत उत्पन्न हो गई है। स्थानीय निवासी सुजीत कुमार, सुरेंद्र, रमाशंकर और बलिराम राजभर ने बताया कि दो निषाद नगर, कोल्हाड़ के सैकड़ों घरों के करीब 1500 लोग बाढ़ की चपेट में हैं। लेकिन प्रशासन की तरफ से इससे निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा
मऊ। तमसा नदी के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ की प्रभाव में आए मुहल्ले में लोगों को संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। वहीं बाढ़ के पानी के कारण घरों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लोगों को डेंगू और मलेरिया का भय सता रहा है। वहीं घरों में विषैले जंतु घुस जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से ना तो फागिंग कराई जा रही है और ना ही बाढ़ से निपटने का कोई प्रबंध किया जा रहा है।
नगर पालिका के ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि नालों के सभी रेगुलेटर बंद हैं। रेगुलेटर पर पानी की निकासी के लिए डीजल चलित और विद्युत चलित पंपिंग सेट लगाए गए हैं। शहर से निकलने वाले पानी की निकासी सुनिश्चित होती रहे इसके लिए नगर पालिका की टीम पूरी तरह से मुस्तैद है। वहीं मच्छर जनित बीमारियों से बचाने के लिए टीम द्वारा कई इलाकों में नियमित तौर पर फॉगिंग कराई जा रही है।