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Mau News: हथिनी-इटौरा पर शुरू हुआ गड्ढा भरने की कवायद

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कई साल से बदहाल सात किमी बदहाल हथिनी-इटौरा मार्ग पर बने गड्ढों को भरने का कार्य शुरू कर दिया गया। इस कवायद से इस मार्ग से गुजरने वाले तीन ब्लॉक के 50 से ज्यादा गांव के ग्रामीणों को आवाजाही में अब परेशानी कम उठानी पड़ रही है।
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लोक निर्माण विभाग द्वारा यह कवायद अमर उजाला में 28 जून को इस सड़क की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद उठाया गया। उधर, ग्रामीणों का आरोप है पांच साल की गारंटी वाली सड़क एक साल में उखड़ कर गड्ढे में तब्दील होने के बाद इसके दोषी ठेकेदार पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सदर तहसील के तीन ब्लॉक के 50 गांव को जोड़ने वाली सात किमी हथिनी-इटौरा सड़क बीते सात साल से बदहाल थी। स्थिति यह थी कि सात किलोमीटर मार्ग में सिर्फ पुल पर ही सड़क बची है जबकि सड़क पर सैकड़ों गहरे गड्ढे बने हुए थे।
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पुल पर कुछ मीटर उतरने पर तो एक गड्ढा करीब पांच फीट गहरा और तीन फीट चौड़ा बना हुआ था।इस समस्या को लेकर अमर उजाला द्वारा जनहित में 28 जून को सात किमी की सड़क सिर्फ पुल पर बची शीर्षक से समाचार प्रकाशित की गई थी। इस समाचार के बाद प्रशासन द्वारा संज्ञान में लेकर इसको विभाग को इस समस्या को दूर करने का निर्देश दिया गया था।
उधर इस प्रक्रिया के शुरू होने से पहले बारिश होने के चलते विभाग यह कार्य नहीं कर सका था। उधर बारिश थमने के बाद अब विभागीय अधिकारी सड़क पर बने गड्ढों को भरने में जुटे हैं।
सरवा निवासी नन्हे सिंह, पद्मेश तिवारी, लिपू सिंह, अखंड प्रताप आदि ग्रामीणों के बताया कि यह सड़क को लेकर शुरू हुई यह कवायद से कम से कम सड़क पर बने सैकड़ों गड्ढे से राहत मिलेगी।
मांग की इस सड़क के बनने के एक साल में उखड़ने के दोषी ठेकेदार पर अब तक कोई कार्रवाई न करना विभागीय अधिकारियों पर सवाल खड़े करता है। प्रशासन से मांग की कि इस सड़क के निर्माण कार्य की जांच कराई जाए।

पांच साल की थी गारंटी, एक साल के अंदर ही उखड़ गई थी सड़क
परदहा, कोपागंज और रतनपुरा ब्लॉक के ग्रामीणों की आवाजाही बेहतर करने के लिए यह सात किमी सड़क को किसानों से जमीन अधिग्रहित कर यह सड़क 2017 में बनी थी लेकिन एक साल के अंदर ही उखड़ गई। सड़क की गारंटी पांच साल की थी। बीते सात साल में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के बाद ग्रामीण चंदा लगाकर गड्ढों को भरते रहे।
उधर विभाग का दावा है कि चार बार सड़क का सर्वे कर रिपोर्ट शासन को भेजी गई लेकिन इसको लेकर अब तक मंजूरी नहीं मिली थी।लेकिन विभाग ने बीते चार साल में इस सड़क पर बने गड्ढे को भरने की योजना को लेकर कोई काम नहीं किया।
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