मऊ। ग्राम पंचायत चुनाव तक नगर पंचायतों के आसपास की ग्राम पंचायतों की भौगोलिक स्थिति बदली नजर आएगी। 59 राजस्व गावों को सम्मिलित कर ग्राम पंचायतों का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए जनपद स्तरीय चार सदस्यीय टीम काम कर रही है। पिछले नगर निकाय चुनाव 2023 से पहले 26 ग्राम पंचायतें और 11 पूरा का कुछ हिस्सा नगर निकायों में शामिल किया गया था। जिसके बाद जनपद में ग्राम पंचायतों की संख्या 671 से 645 हो गई।
अगले साल अप्रैल-मई में ग्राम पंचायत चुनाव होने की संभावना है। ऐसे में नगर निकाय में शामिल ग्राम पंचायतों के बचे राजस्व गांवों के पुनर्गठन की तैयारी शुरू कर दी गई है। 1000 से कम आबादी वाले राजस्व गांव को बगल की ग्राम पंचायत में शामिल किया जाएगा। वहीं 1000 से अधिक आबादी वाले गांवों को ग्राम पंचायत का दर्जा देकर वहां प्रधान का चुनाव कराया जाएगा। नगर निकाय चुनाव 2023 से पहले नगर पालिका मऊ, नगर पंचायत अमिला और कोपागंज में कुछ पूरा और कुछ का आंशिक हिस्सा शामिल किया गया था।
इनमें कोपागंज, घोसी, परदहां और रानीपुर के 26 पूर्ण ग्राम पंचायतें थीं। वहीं 11 ग्राम पंचायतों का आंशिक हिस्सा शामिल किया गया था। आंशिक हिस्सा लेने के बाद स्थिति ये हो गई कि 75 फीसदी भू-भाग नपा में और 25 फीसदी ग्राम पंचायत में रह गई। आंशिक हिस्से वाली ग्राम पंचायतों की आबादी कम हो जाने से 14वां और 15वां वित्त से मिलने वाली धनराशि पर ग्रहण लग गया। बजट नहीं मिलने से विकास कार्य रुक गए। कोपागंज ब्लॉक के कुर्थीजाफरपुर और पारा ग्राम पंचायत को पूरा और बसारतपुर ग्राम पंचायत के आंशिक हिस्से को जोड़कर 2023 में कुर्थीजाफरपुर नगर पंचायत का गठन किया गया। जो जनपद का 11वां और सबसे नया नपा है।
वहीं सीमा विस्तार के दौरान कोपागंज नगर पंचायत में कोपा कोहना और हिकमा का पूरा हिस्सा, वहीं लाड़नपुर, काछीकला, भदसा मानोपुर और खुखुंदवा का आंशिक हिस्सा शामिल किया गया था। अमिला नगर पंचायत में अमिला, करपिया मलिक बंजारी का पूरा हिस्सा और चुम्मानार अहिरानी, हेमई का 75 फीसदी आंशिक हिस्सा शामिल किया गया था। सबसे अधिक मऊ नगर पालिका में शामिल हुए थे गांव
मऊ नगर पालिका में सबसे अधिक 54 गांवों को शामिल किया गया था। जिसमें मोहम्मद मुतलके सहरोज, भटकुंडल, रेवरीडीह, मेघई मु0 सहरोज, डोडापुर, डाड़ीखास, सैदोपुर, भुजौटी, सरायलखंसी, चक इनायतुल्लाह खैरुल्लाह, खालसा उत्तर दक्षिण टोला, भूतबराड़, बख्तावरगंज, सिकटिया, दर्पनारायनपुर, छपरा, नियामुपुर, चकरामजी, चकजीयन, चकखुदाद और सलाहाबाद सहित अन्य गांवों को शामिल किया गया था।
26 प्रधानों को लड़े थे सभासद का चुनाव
ग्राम पंचायतों के निकायों में शामिल होने के बाद 26 ग्राम प्रधानों को सभासद का चुनाव लड़ना पड़ा था। अधिकांश प्रधानों ने चुनाव जीता और कुछ सभासद की कुर्सी भी अपने नाम नहीं कर पाए थे। सबसे रोचक सीट कुर्थीजाफपुर की रही। जहां तीन बार से लगातार प्रधान रहे जफर अहमद ने अपनी कुर्सी नहीं जाने दी। उन्होंने नपा अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की और चुनाव जीतकर नपा अध्यक्ष बन गए।
11 ग्राम पंचायतों के आंशिक हिस्से के निकायों में शामिल होने के बाद भौगोलिक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। शासन के निर्देश पर आगामी ग्राम पंचायत चुनाव से बचे राजस्व गांवों को शामिल कर बगल की ग्राम पंचायत का सीमा विस्तार किया जाएगा। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मुख्य राजस्व अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी और अपर जिला पंचायतराज अधिकारी की समिति गठित की गई है। समिति जल्द ही रिपोर्ट तैयार करके शासन को भेजेगी। - अजीत कुमार सिंह, प्रभारी जिला पंचायतराज अधिकारी, मऊ