मऊ। जिले के माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को छात्रों की तरह स्कूल डायरी बनानी होगी। जिसमें वह अपनी शिक्षण योजना का उल्लेख करेंगे। एकेडमिक कैलेंडर में यूपी बोर्ड ने इस व्यवस्था को अनिवार्य किया है। वहीं विद्यालयों अपनी स्मारिका भी प्रकाशित करेंगे। जिसमें छात्रों के लेख को शामिल करना होगा। जिले में 14 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त तथा 436 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय हैं। एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार शिक्षक माह में पाठ्यक्रम का कितना हिस्सा पढ़ाएंगे, रोजाना पढ़ाए जाने वाले पाठ, एसाइनमेंट आदि का उल्लेख डायरी में करेेंगे। तालीमुद्दीन इंटर कालेज के प्रधानाचार्य मुहम्मद मजहर ने बताया कि शिक्षक डायरी में शिक्षकों को रोजाना उन टॉपिकों का उल्लेख करना होगा जिन्हें वह अगले दिन क्लास में पढ़ाएंगे। इसके अलावा स्कूलों को अपनी स्मारिका और बाल अखबार का भी प्रकाशन करना होगा। एकेडमिक कैलेंडर में इसका भी उल्लेख किया गया है। इंटर कालेज सरसेना के प्रधानानाचार्य डॉ. दिलीप कुमार अवस्थी ने बताया कि स्मारिका में शिक्षकों समेत छात्रों के लेख भी शामिल करने होंगे। इससे छात्रों की रचनात्मकता बढ़ेगी। जिले के माध्यमिक स्कूलों में शिकायत पेटिका भी लगाई जाएगी। एकेडमिक कैलेंडर के माध्यम से इसके निर्देश दिए गए हैं। खासकर उन विद्यालयों में जिनमें छात्राएं अध्ययन करती हैं। वहां पर अनिवार्य रूप से लगाए जाने के निर्देश हैं, ताकि छात्र-छात्राएं अपनी समस्याओं व शिकायतों को लिखकर पेटी में डाल सकें। स्कूलों को इसके समाधान के लिए कमेटी का गठन करना होगा। उनके सामने ही शिकायतें पढ़ी जाएंगी और उनका हल निकाला जाएगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि एकेडमिक कैलेंडर के क्रियान्वयन के लिए जिले के समस्त प्रधानाचार्यो को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।