आखिरकार अभिभावक मंच, हिंदू जागरण मंच, आप के प्रदर्शन और निजी स्कूलों के मनमानी को लेकर प्रकाशित खबरों से जिला प्रशासन की चेतना टूट गई। बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने नगर के निजी स्कूल फातिमा पहुंची। यहां टीम ने अलग- अलग पांच कक्षाओं के 15 बच्चों का बयान दर्ज किया, साथ ही एक विद्यार्थी स्टेशनरी की दुकान पर पहुंचकर बेचे गए किताबों का रिकॉर्ड बयान भी दर्ज किया गया।
इस बीच इस कार्रवाई से एक बड़ा सवाल उठ गया कि शिक्षा विभाग कार्यालय से महज एक किमी के दायरे में कई निजी स्कूल जिनकी शिकायतें जिम्मेदारों के पास थी, उन पर पहुंचने के बजाए करीब चार किमी दूर महज एक स्कूल पर यह कार्रवाई की गई।
डीआईओएस गौतम प्रसाद ने बताया निजी स्कूलों में मनमानी फीस को लेकर लगातार शिकायत मिल रही थी। इसको लेकर बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट रमेश बाबू, बीएसए संतोष उपाध्याय और उनके द्वारा फातिमा स्कूल में टीम जांच करने पहुंची।
बताया कि यहां फीस को लेकर कक्षा 8, 10, 5, 9, 12 के 15 छात्रों का बयान दर्ज किया गया। साथ ही विद्यार्थी स्टेशनरी कॉपी- किताब की दुकान पर टीम ने जांच की। बताया कि यहां टीम ने किताबों का रेट देखा, जहां रेट सहीं मिला लेकिन टीम ने अभिभावकों को देने वाली रसीद का विवरण लिया, जिसके बाद उसकी जांच की जा रही है। बताया कि अब यह टीम लगातार कारवाई करेगी।