मऊ। जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को जुुलूस निकाला। जुलूस विकास भवन होते हुए कलेक्ट्रेट कैंपस में पहुंचकर धरने में तब्दील हो गया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबांधित सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार बनने पर 120 दिन के भीतर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं को सम्मानजनक मानदेय देने वायदा किया गया था।
योगी सरकार बने लगभग पौने पांच साल का समय बीत गया, लेकिन घोषणापत्र का वादा न ही पूरा हुआ। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की नियमावली बनाई जाए। राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। जब तक संभव नहीं है तब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 18 हजार रुपया प्रतिमाह तथा सहायिकाओं को नौ हजार रुपया प्रतिमाह मानदेय दिया जाए।10 वर्ष कार्यकाल पूर्ण होने के उपरांत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को योग्यता के आधार पर प्रतिवर्ष मुख्य सेविका के पद पर पदोन्नति दी जाए। जब तक पदोनति नहीं हो पाती तब तक मुख्य सेविका के बराबर मानदेय दिया जाए। 62 वर्ष पार कर चुकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बिना पेंशन व ग्रेजुएटी के सेवा निर्मित कर दिया गया है, उन्हे पेंशन व ग्रेच्युटी देकर सेवानिवृत्त किया जाए। मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सामान्य ऑगनबाड़ी के बराबर मानदेय दिया जाए। इस अवसर पर कंचन राय जिलाध्यक्ष, अनिता प्रजापति जिला मंत्री, हरिनारायण यादव जिला संरक्षक, विन्दुमति राय, पूनम सिंह, हेमलता जिला संगठन मंत्री, माधुरी सिंह सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रही।