मुहम्मदाबाद गोहना की ब्लॉक प्रमुख रानू सिंह की शिकायत और डीआईजी के आदेश पर धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने देवाजीत यादव, संगीता यादव और उमेश यादव के खिलाफ सोमवार शाम को प्राथमिकी दर्ज की है।
आरोप है कि शराब की दुकान का टेंडर भरने के लिए उनसे पांच बार में 22 लाख रुपये उधार लिए। रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।प्राथमिकी के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के देवसीपुर गांव निवासी रानू सिंह मुहम्मदाबाद गोहना की ब्लॉक प्रमुख हैं।
उनके नाम से मुहम्मदाबाद गोहना रोडवेज और कैलेंडर तिराहे पर कंपोजिट शराब की दुकान है। रानीपुर थाना क्षेत्र के बभनपुरा निवासी देवाजीत यादव की पत्नी संगीता यादव के नाम से पलिया स्थित देशी शराब की दुकान है।
वर्ष 2023 में शराब की दुकान का नवीनीकरण हो रहा था। उसी समय देवाजीत यादव के भाई उमेश यादव और पत्नी संगीता यादव उनके घर आए। कर्ज होने और शराब की दुकान घाटे में होने की बात कहकर टेंडर भरने के लिए रुपये मांगे।
10 फरवरी 2023 को उमेश के खाते में 6.37 लाख रुपये, जबकि 2 मार्च और 10 मार्च 2023 को संगीता के खाते में 15.68 लाख रुपये भेजे गए। इसके अलावा उमेश ने दो बार में पांच लाख रुपये उधार लिए थे। टेंडर होने के एक वर्ष के भीतर पैसा लौटाने की बात कही गई थी।
काफी समय बीतने के बाद पैसा मांगने पर सभी टालमटोल करते रहे। 30 नवंबर 2024 की शाम सात बजे मुहम्मदाबाद गोहना स्थित एक मैरिज हॉल में शादी समारोह में गई थीं। वहीं देवाजीत यादव से मुलाकात हुई।
रुपये लौटाने की बात कहने पर वह गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक केके वर्मा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।