मऊ के मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा क्षेत्र में सरयू नदी के जलस्तर में घटाव से लोगों ने राहत की सांस ली है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलजमाव से मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। लेकिन अभी तक रासायनिक दवाओं का छिड़काव नहीं किया जा सका है। सोमवार को नदी का जलस्तर परसिया जयराम गिरि हाहा नाला 66.49 पर रहा। नदी अभी भी खतरा निशान 66.31 से 18 सेमी ऊपर बह रही है। बाढ़ पीड़ितों का कहना था कि जलमग्न फसल नष्ट होने के कगार पर है।
उधर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए पशुपालन विभाग की टीम ने दवा वितरण सोमवार को बाढ़ चौकी दुबारी में किया। इस मौके पर प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि बाढ़ के समय जहरीला घास खाने से पशुओं के पेट में कीडी़ पड़ जाती हैं। जिसके कारण पशुओं को भूख नहीं लगती है। पशु चिकित्सकों की सलाह पर पशुओं को दवा खिला देना चाहिए।