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पुलिस ने लगाई फाइनल रिपोर्ट

Thu, 31 Mar 2016 12:09 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मऊ
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पुलिस - फोटो : file
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अली रजा ने नगर मजिस्ट्रेट के कार्यालय में फर्जी जेई बनकर रुपया हड़पने के मामले में दर्ज करायी रिपोर्ट में पुलिस द्वारा भेजी गई अंतिम रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। सीजेएम ने अपने आदेश में लिखा कि विवेचक द्वारा अंवेषणोपरांत अंतिम आख्या प्रस्तुत की गई। वादी को नोटिस भेजा गया। जिस पर सरायलखंसी थाने की पुलिस ने आख्या भेजा की रितेश यादव नाम का कोई व्यक्ति बढुआगोदाम में नहीं रहता है। अंतिम आख्या पर कोई आपत्ति न होने के चलते अंतिम रिपोर्ट स्वीकार कर लिया।
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बता दें कि शहर कोतवाली में 24 जुलाई 2015 को सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बढुआगोदाम निवासी रितेश यादव पुत्र संतोष की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें भटकुआ पट्टी निवासी लड्डन को आरोपी बनाया गया। वादी का आरोप था कि आरोपी अपने को मास्टर प्लान का जेई बता कर नक्शा पास कराने के नाम पर उससे बीस हजार रुपये ले लिया।


 मामले की विवेचना एसआई देवेंद्र कुमार बाजपेयी को सौंपी गई। विवेचना में दरोगा ने वादी का पता गलत पाया। मामले में साक्ष्य न पाते हुए अंतिम रिपोर्ट लगाकर उसे स्वीकार करने के लिए कोर्ट में प्रस्तुत किया। जिस पर वादी को नोटिस जारी हुई थी। सरायलखंसी थाने की पुलिस ने कोर्ट में आख्या प्रस्तुत किया कि इस नाम का कोई व्यक्ति बढ़ुआगोदाम में नहीं रहता है। जिसके आधार पर सीजेएम ने अंतिम रिपोर्ट स्वीकार कर लिया।
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पीड़ित लड्डन ने बताया कि वह उसी समय अपनी बात अधिकारियों को बता रहा था। लेकिन उसकी बात किसी ने नहीं सुनी। जिसके चलते गलत तरीके से मेरे विरुद्व रिपोर्ट दर्ज कराकर जेल भेज दिया गया।  नगर मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय ने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। उनके तैनाती के पूर्व का यह मामला है। 
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