मऊ। जनपद में शहरी आवास योजना के तहत कांशीराम आवास में शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराये गए। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते आवंटन के बाद भी आवास में मूलभूत व्यवस्था नहीं की जा सकी। आवंटन हुए डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो अबतक विद्युत की व्यवस्था हो सकी है और ना ही पीने के पानी की कोई व्यवस्था हो सकी है। आवास में रहने वाले लोग जैसे-तैसे पानी व बिजली की व्यवस्था कर जीवन यापन कर रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में यहां रहने वाले लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में कांशीराम शहरी आवास योजना के तहत सात पाकेट में कुल 948 आवास का निर्माण कराया गया। वर्ष 2020 अगस्त माह में 845 आवास का आवंटन कर दिया गया। शहर के इमिलिया पाकेट में सभी मकान आवंटित हैं। जबकि कंधेरी, सुल्तानपुर, सिकटिया, परदहां ग्रामीण, परदहां शहरी, स्वदेशी काटन मिल पाकेट में कुल मिलाकर 103 भवनों का आवंटन शेष रह गया है। हालांकि नगर के फातिमा चौराहे के पास स्थित आवास के बाहर नगर पालिका की तरफ से एक नल जरूर लगा दिया गया है। जहां से पानी भरने को लेकर परिसर में रहने वाले लोगों की लाइन लग जाती है। हालांकि आवास परिसर में वाटर पाइप लाइन बिछाने के साथ टंकी भी स्थापित की गई थी। लेकिन ट्यूबवेल और हैंड पंप की व्यवस्था तक नहीं की गई। यही हाल सभी पाकेट में बने आवासों का है। लोग मूलभूत सुविधाओं के बिना ही रहने को विवश हैं। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी अभी तक इस समस्या का निस्तारण नहीं कराया जा सका है।
जीरा देवी ने कहा कि आवास तो मिला, लेकिन मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराने पर ध्यान नहीं दिया गया। पीने के पानी को लेकर हर रोज काफी परेशान होना पड़ता है। सीमा गिरी ने बताया कि बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण काफी परेशानी का सामना पड़ रहा है। परिवार के बच्चों समते पानी भरने के लिए लाइन लगानी पड़ती है। वहीं सविता ने बताया कि आवास मिलने पर काफी खुशी हुई थी, लेकिन यहां काफी असुविधा होती है। कई बार नगर पालिका और अन्य अधिकारियों से शिकायत भी की गई, लेकिन अभी तक परेशानी हल नहीं हुई। उधर, मुन्नी देवी ने कहा कि असुविधाओं के बीच सुरक्षा के दृष्टिगत बाउंड्री भी नहीं बनाई गई है। पीने के पानी के लिए सबसे अधिक परेशान होना पड़ता है। दूसरे और तीसरे तल पर रहने वाले लोग हर रोज परेशान होते हैं।
उधर जिलाधिकारी अरुण कुमार ने इस मामले में कहा कि इस संबंध में जानकारी प्राप्त कर कार्रवाई की जाएगी। आवास में व्याप्त समस्याओं का शीघ्र निराकरण कराया जाएगा।