जिले के लोकया ग्राम पंचायत में खुशी छाई है। दरअसल, ग्राम पंचायत का स्कूल बदहाल होने से 2012 से चार किमी दूर भठिया ग्राम पंचायत के प्राथमिक स्कूल के साथ संयुक्त रूप से संचालित हो रहा है। 12 साल से संचालित इस भवन में एक ही स्कूल के बच्चों की क्षमता है, ऐसे में दो-दो स्कूल संचालित होने से लोकया कंपोजिट स्कूल के तीन कक्षाएं पेड़ के नीचे और टिनशेड में लग रही हैं। ऐसे में पहले दूरी फिर दूसरी खुले में परेशानी झेल रहे बच्चों को इस समस्या से राहत मिलेगी। साथ ही स्कूल का खुद का भवन होगा। इसको लेकर लोकया में ही जमीन चिह्नित कर और बजट स्वीकृत हो गया है। साथ ही इस कार्य के लिए कार्यदायी संस्था भी चिह्नित कर ली गई है।
लोकया कंपोजिट स्कूल के प्रधानाध्यापक योगेंद्रनाथ ने बताया कि लोकया ग्राम पंचायत में स्कूल का भवन है, लेकिन वह बदहाल और जर्जर होने के चलते ढहने लगा था। जिसको लेकर 2012 में शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने लोकया कंपोजिट स्कूल को चार किमी दूर भठिया ग्राम पंचायत के प्राथमिक स्कूल में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद से वर्तमान समय तक एक ही भवन में भठिया प्राथमिक स्कूल और लोकया कंपोजिट स्कूल का संचालन होता आ रहा है। बताया कि स्कूल जब इस भवन में स्थानांतरित किया गया तो उन्हें चार और भठिया स्कूल को चार कक्ष आवंटित किए गए हैं। लेकिन वर्तमान में उनके यहां प्राइमरी में 84 और माध्यमिक स्कूल में 142 छात्र पंजीकृत हैं। बताया कि कमरे भी बेहद छोटे होने के चलते और छात्र संख्या ज्यादा होने से कक्षा पांचवीं के बाहर एक टिनशेड में अलग से कक्षा बनाई गई है। वहीं जगह के अभाव में अक्सर दो कक्षाए पेड़ की छांव के नीचे संचालित कर बच्चों को पढ़ाया जाता है। प्राथमिक स्कूल भठिया में 118 बच्चें पंजीकृत हैं। एक ही भवन में दो अलग-अलग गांवों के स्कूल संचालित होने से दिक्कतों के साथ बच्चों के चार किमी की दूरी तय कर आना परेशानी का सबब बनता है।
जर्जर लोकया स्कूल में अतिक्रमण
जिस लोकया स्कूल को कंडम बताकर भठिया स्कूल के भवन में संयुक्त संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में कुछ लोगों ने उसमें अतिक्रमण कर लिया है। यहां मवेशियों को रखा जा रहा है। बदहाल भवन गांव के मुख्य मार्ग पर स्थित है। जिम्मेदारों को इसे ढहा देना चाहिए, जिससे कोई नुकसान न हो।
प्राकृतिक आपदा के तहत कंपोजिट विद्यालय लोकया के भवन निर्माण के लिए परियोजना कार्यालय को प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद कार्यदायी संस्था नामित हो गई है। शीघ्र ही लोकया गांव के समीप ही चिह्नित भूखंड पर विद्यालय भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।-अजीत तिवारी
जिला समन्वयक निर्माण, बेसिक शिक्षा विभाग