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Mau: मंत्री रविंद्र जायसवाल ने विभागीय समीक्षा में अधिकारियों को दिए मंत्र, माफियाराज से मुक्ति, बढ़ा राजस्व

Sat, 21 Sep 2024 03:33 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क,मऊ

सार


उत्तर प्रदेश सरकार स्टांप न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविन्द्र जायसवाल द्वारा शनिवार को स्टांप निबंधन विभाग की समीक्षा की गई। इस दौरान निबंधन कितना आ रहा है, जनता को सुविधा मिल रही है इसकी जानकारी ली। मऊ में कानून व्यवस्था सहित अन्य बिंदुओं पर समीक्षा की भी समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि मऊ में कानून व्यवस्था बेहतर होने के कारण जनपद के सभी तहसीलों में निबंधन में बढ़ोतरी हुई है।
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मंत्री रविंद्र जायसवाल समीक्षा बैठक करते - फोटो : Amar Ujala
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मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने  मऊ में शनिवार को स्टांप निबंधन विभाग के साथ कानून व्यवस्था को लेकर अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली और जनता की सुविधाओं के साथ समस्याओं पर चर्चा की। इस दौरान  रविन्द्र जायसवाल ने बताया कि मऊ में कानून व्यवस्था बेहतर होने के कारण जनपद के सभी तहसीलों में निबंधन में बढ़ोतरी हुई है।

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कहा कि किसी समय जनपद में गुंडा माफियाओं का राज हुआ करता था, लेकिन आज प्रदेश सरकार के डर से गुंडा माफिया शहर के बाहर हैं। इस कारण भी लोगों द्वारा मकान जमीन खरीदना व बेचना बिना किसी डर भय के किया जा रहा है। अब किसी किसान या कमजोर व्यक्तियों की भूमि को बहला फुसला कर कम रेट में खरीदारी करने वालों पर कानूनी एवं स्टांप चोरी करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। 

 कहा कि चारों तहसीलों के अंतर्गत रजिस्ट्री कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए गए हैं, जिसकी मॉनिटरिंग मुख्यालय से की जाएगी। इसमें सभी प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी तथा दोषी के विरुद्ध निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होंने बताया कि पड़ोसी जिला आजमगढ़ में एक तहसील मार्टिनगंज में रजिस्ट्री कार्यालय नहीं खोला गया था, लेकिन अब वह दो दिन पहले रजिस्ट्री कार्यालय खोला दिया गया है। इससे अब तहसील के 116 गांव के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
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स्टांप चोरी के सवाल पर कहा कि यह गलत बात है, हमारे द्वारा हर मुख्यालय पर काउंटर बनाया गया है। जिसमें वेंडर को अनिवार्य कर दिया गया है कि वह अपना कमीशन का उल्लेख जरूर करें। 

माफियाओं द्वारा जमीन पर कब्जा करने के सवाल पर कहा कि हमारे द्वारा एक कानून बना दिया गया है। पहले अवैध बिल्डर किसानों की जमीन लेकर एक राशी तय करते थे, इसमें किसानों को एंग्रीमेंट के बाद राशि देने के बाद स्टांप चोरी करने के लिए वह उससे पावर अटार्नी लेकर प्लाटिंग कर बेचता था। ऐसे में किसानों को तय राशि से ज्यादा राशि पर जमीन पर बेचने आयकर विभाग से नोटिस जारी होती थी। पावर अटार्नी का मिस यूज देखते हुए अब इसे बदल दिया गया है। अब पावर अटार्नी अब ब्लड रिश्ते में जारी होगी। इससे इस तरह की मनमानी रूकेगी।

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