मऊ। जिले के सरकारी अस्पतालों में इन दिनों चिकित्सा व्यवस्था भगवान भरोसे ही नजर आ रही है। अस्पतालों से चिकित्सकों के नदारद रहना और उनकी लेट लतीफी लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन रही है। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने से मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि महिला अस्पताल में पिछले 20 माह से रेडियोलाजिस्ट का पद रिक्त चल रहा है। वहीं जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलाजिस्ट एक माह की छुट्टी पर गए हैं।
जिले में मरीजों को आधुनिक सुविधा प्रदान करने के लिए जिला अस्पताल और महिला अस्पताल प्रशासन लाख दावे कर रहा है। लेकिन सच्चाई इससे अलग है। जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलाजिस्ट एक नवंबर से एक माह की छुट्टी पर गए हैं। जिस कारण अस्पताल में ना तो मेडिको लीगल हो रहा और ना ही अल्ट्रासाउंड हो रहा है। वहीं पांच मंजिला भवन में संचालित 100 बेड के महिला अस्पताल में चिकित्सीय सुविधाएं अपनी बदहाली पर आंसु बहा रहा है। अल्टासाउंड कक्ष में ताला बंद है, हर रोज 100 से अधिक मरीज बाहर से काफी पैसा खर्च कर जांच कराने को विवश हैं।
महिला अस्पताल की सीएमएस चंदा सिन्हा का कहना है कि रेडियोलाजिस्ट की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। तैनाती के साथ ही अल्ट्रासाउंड प्रारंभ हो जाएगा। वहीं जिला अस्पताल के सीएमएस बृज कुमार ने बताया कि अस्पताल में तैनात रेडियोलाजिस्ट एक माह की छुट्टी पर गए हैं। जिससे मेडिको लीगल और अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहा है।