इसमें मंच से अब्बास अंसारी और उमर अंसारी के द्वारा चुनाव के बाद अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग रोकने और उनका हिसाब-किताब करने संबंधी बयान दिया गया था। जब यह बयान अब्बास अंसारी के द्वारा मंच से दिया जा रहा था तब मंच पर उमर अंसारी भी मौजूद था।
बाद में वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस पूरे मामले को संज्ञान में लेकर मऊ नगर कोतवाली में अब्बास अंसारी उसके छोटे भाई उमर अंसारी सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पहले ही अब्बास अंसारी की जमानत याचिका एमपी/एमएलए कोर्ट से खारिज हो चुकी है। वर्तमान समय में वह कासगंज जेल में बंद है। उमर अंसारी फरार है।