मऊ। भाकपा के राष्ट्रीय सचिव एवं अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव अतुल कुमार अनजान ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि पेगासस जासूसी जांच कराने से केंद्र सरकार भाग रही।कहा है कि देश को यह तो मालूम होना ही चाहिए कि आखिर इस स्पाईवेयर का भारतीय खरीदार कौन है, क्योंकि निर्माता कंपनी एनएसओ का कहना है कि वह सिर्फ सरकारों को ही पेगासस साफ्टवेयर बेचती है। कहा है कि जांच कराने से ही दूध का दूध और पानी का पानी हो सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि पेगासस जासूसी का मामला कहीं न कहीं राफेल सौदे में हुए घोटाले से भी जुड़ा हुआ है ।जिस कारण मोदी सरकार जांच से कतरा रही है। भाकपा नेता ने सवाल उठाया है कि संसद के जारी सत्र में यदि इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यक्तियों की निजता के संवैधानिक अधिकार के साथ ही किसान आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा नहीं हो सकती तो फिर संसद का औचित्य क्या है? अनजान ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था मोदी सरकार की जन विरोधी कारपोरेट पद्धति के चलते अभूतपूर्व संकट के दौर से गुजर रही है। यह संकट कोरोना महामारी के पहले से ही नोटबंदी के समय से ही जारी है। लोगो के रोटी -रोजगार छिन गये हैं । उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री के द्वारा पेगासस जासूसी मामले की जांच कराने की मांग का समर्थन किए जाने का स्वागत किया और जाति आधारित जनगणना की बिहार विधान सभा की मांग का समर्थन किया।