नगर के हिन्दी भवन सभागार में पंडित देवनाथ संगीत महाविद्यालय द्वारा आयोजित शास्त्रीय संगीत की सं
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मऊ। अभिभावक छात्र एकता मंच की तरफ से नगर स्थित हिंदी भवन में शनिवार को अभिभावक जनसंवाद का आयोजन किया गया। इस मौके पर केंद्रीय विद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक आरएस सिंह ने कहा कि पिछले दो सालों में अभिभावक मंच ने 22 ज्ञापन जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिया परंतु आज तक प्रशासन का कोई सकारात्मक कदम अभिभावकों के हित में नहीं आया। जबकि अपनी संबद्धता देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यह शर्त रखता हैकि विद्यालय एनसीईआरटी की पुस्तकें वजन मानक को लागू करे। किताबों के पीछे वजन लिखा होना चाहिए और प्रत्येक विद्यालयों पर बैग वजन के लिए वजन मशीनों का होना अनिवार्य है।
कार्यक्रम संयोजक राजविजय यादव ने कहा कि आज जिस तरीके से प्रबंधकों द्वारा अभिभावकों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है यह कहीं न कहीं अभिभावकों के विभाजन का लाभ लिया जा रहा है।दूसरी तरफ निजी विद्यालयों के प्रबंधक संगठित होकर हमारे शोषण का मुख्यकारक है। इस शोषण के खिलाफ अभिभावक मंच और अभिभावक छात्र एकता मंच मिलकर शहर के गली मोहल्लों और गांवों तक एक सशक्त अभियान चलाएगा। अभिभावकों के गाढ़ी कमाई लूट कर ड्रेस काफी जूता मोजा से लेकर टाई बेल्ट बेचकर उनके विद्यालयों की बिल्डिंग ऊंची होती जा रही हैं। और शिक्षा का गुणवत्ता का मानक निरंतर गिरता जा रहा है इसके पीछे सारे राजनीतिक दलों का और जिला प्रशासन का पूरा संरक्षण प्राप्त है। हमको दलगत भावना से ऊपर उठकर अपने बच्चों के भविष्य के लिए इन पर लगाम लगाने के लिए एकजुट होने की जरूरत है। सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद मूर्ति ने कहा कि निजी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों को आर्थिक अनुदान दिया जाए, लेकिन विद्यालय प्रबंधक अपनी लूट और मनमानी को बनाए रखने के लिए उल्टे उच्च अधिकारियों को मोटी रकम दे रहे हैं। अभिभावक छात्र एकता मंच के नौजवानों ने जो अलग जगाई है वह अभी चिंगारी नहीं मशाल बनेगी।समारोह को शिवजी सिंह, शोभा श्रीवास्तव, हाजी निसार अहमद, विकेश यादव, मिथिलेश साहनीआदि ने संबोधित किया। इस दौरान रविंद्र कुमार साहनी, दीपक चंद्रा, संगम राज, बलवंत यादव, जनार्दन यादव, गगन कुमार ,भीमसेन, विक्की आदि उपस्थित रहे